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Poultry Farming : आंध्र प्रदेश की पहचान है मुर्गे और मुर्गियों की ये नस्लें, जानिए इनकी खासियत

कुछ मुर्गियां ऐसी हैं जो अंडे देने के लिए पाली जाती हैं. जबकि कुछ मुर्गियों का मीट ज्यादा टेस्टी होता है. आंध्र प्रदेश की ये नस्लें हैं असील, कलस्थी, घागस और डंकी नस्ल. इन नस्ल की मुर्गियों का पालन कर रहे हैं तो कई मुर्गियां दोनों काम में आती हैं.
आंध्र प्रदेश की मुर्गों की नस्लें। प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. पोल्टी फार्मिंग आज देश के हर राज्य में हो रही हैं. इसमें कोई शक नहीं है कि मुर्गी पालन एक बेहतरीन बिजनेस है. इसके माध्यम से पोल्ट्री ​बिजनेसमैन अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. देश में मुर्गे और मुर्गियों की कई नस्लें मिलती हैं. हर राज्य अपनी नस्लों के लिए फेमस है. आज बात कर रहे हैं आंध्र प्रदेश की ऐसी नस्लों की जो पूरे देश में अपनी पहचान बना चुकी हैं. इन चुनिंदा नस्लों के मुर्गे और मुर्गियां पालकर पोल्ट्री में अच्छी इनकम मिल रही है.

पोल्ट्री के इस बिजनेस में कई ऐसी नस्ल हैं, जो अच्छा अंडे का उत्पादन करती हैं और उनका मीट भी बेहद पसंद किया जाता है. आज हम आपको जानकारी दे रहे हैं आंध्र प्रदेश की उन बेहतरीन नस्लों की, जो अंडे और मीट के लिए पूरे देश में फेमस हैं.

बता दें कि कुछ मुर्गियां ऐसी हैं जो अंडे देने के लिए पाली जाती हैं. जबकि कुछ मुर्गियों का मीट ज्यादा टेस्टी होता है. आंध्र प्रदेश की ये नस्लें हैं असील, कलस्थी, घागस और डंकी नस्ल. इन नस्ल की मुर्गियों का पालन कर रहे हैं तो कई मुर्गियां दोनों काम में आती हैं.

जानिए इनकी पहचान और खासियतें:
कलस्थी चिकन
होम ट्रैक्ट: आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, कुडप्पा और चित्तूर जिले पाई जाती है.
पहचानने योग्य विशेषताएं:

  1. मादाओं में भूरे रंग के पंख और नरों में नीले-काले रंग के पंख
  2. पृष्ठीय रूप से लगे पंख, जांघों को उजागर करते हुए
  3. मटर के आकार या एकल कंघी
  4. सफ़ेद गुलाबी त्वचा और ग्रे टांग
  5. लंबी गर्दन, सुनहरे पंखों से ढकी हुई

घागस चिकन
होम ट्रैक्ट: आंध्र प्रदेश के चित्तूर और अनंतपुर जिले, कर्नाटक के कोलार, बेंगलुरु ग्रामीण और चिक बल्लापुर जिले में पाई जाती है.
पहचानने योग्य विशेषताएं:

  1. भूरे रंग के पंख; नर में पंख, छाती, पूंछ और जांघों पर चमकीले नीले-काले पंख
  2. मटर के आकार की कंघी
  3. छोटी टहनियां
  4. लंबे और मजबूत पैर
  5. पीले भूरे रंग की टांग

असील चिकन
होम ट्रैक्ट: छत्तीसगढ़ के बस्तर, दक्षिण बस्तर और दंतेवाड़ा जिले ओडिशा के कोरापुट और मलकानगिरी जिले आंध्र प्रदेश के आस-पास के जिले में पाई जाती है.
पहचानने योग्य विशेषताएं:

  1. काले और लाल-काले पंख, और अन्य रंग पैटर्न
  2. बिना फुले हुए पंख, घने और कम पंख
  3. छोटी कंघी और अस्पष्ट वॉटल्स
  4. लंबी और बेलनाकार गर्दन
  5. लंबे और मजबूत पैर

डंकी चिकन
होम ट्रैक्ट: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिले में पाई जाती है.
पहचानने योग्य विशेषताएं:

  1. भूरे रंग के पंख
  2. नर में पंख, छाती, पूंछ और जांघों पर चमकीले नीले-काले पंख
  3. गुलाबी सफ़ेद त्वचा और पीली टांग
  4. लंबी गर्दन
  5. लंबी टांगें और टांग
Written by
Livestock Animal News Team

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