नई दिल्ली. मछली उत्पादन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि लोगों तक फ्रेश मछली भी पहुंचे. क्योंकि बाजार में ताजी मछली की डिमांड हमेशा बन रहती है. लोग बर्फ में लगी मछलियों के मुकाबले जिंदा मछली लेना ज्यादा पसंद करते हैं. इसलिए इसका दाम भी अच्छा मिलता है. लोगों को फ्रेश मछली मिल सके और इसका फायदा मछली किसानों को मिले, इसके लिए बिहार सरकार मछली पालकों की मदद कर रही है. असल में बिहार में इसके लिए मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना चल रही है. जिसके तहत मछली किसानों की मदद की जाती है.
इसी क्रम में मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत छपरा जिला परिषद अध्यक्ष जय मित्रा देवी और उप मत्स्य निदेशक, सारण परिक्षेत्र सुमन कुमार द्वारा चयनित मछली किसानों के बीच मत्स्य शिकारमाही एवं बिक्री से संबंधित उपकरणों का वितरण किया. कार्यक्रम के दौरान 30 मत्स्य शिकारमाही और बिक्री किट, 4 थ्री व्हीलर वाहन तथा नाव और जाल पैकेज योजना के तहत 4 नावों का वितरण किया गया.
इनकम बढ़ाना है लक्ष्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के मछुआरों और मछली विक्रेताओं को मछली शिकार तथा बिक्री के लिए आवश्यक आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को सशक्त बनाना है.
इसके माध्यम से मत्स्य जल स्त्रोतों से बाजार तक मछलियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ तरीके से पहुंचाने में मदद मिलती है.
इससे न केवल मछली विक्रेता अपने उत्पादों की हाइजीनिक ढंग से बिक्री कर पाते हैं बल्कि उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होने से आमदनी में भी वृद्धि होती है.
योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के उन मछुआरों और मत्स्य विक्रेताओं की पहचान कर लाभान्वित किया जा रहा है, जो सड़क किनारे, चौक-चौराहों, हाट-बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मछली विपणन का कार्य करते हैं.
मत्स्य शिकारमाही और बिक्री किट में फेंका जाल, गिल नेट, हांडी, तराजू और इंसुलेटेड आइस बॉक्स जैसी आवश्यक सामग्रियां शामिल हैं.
जिन पर मछली किसानों को शत-प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है. वहीं थ्री व्हीलर वाहन पर 50 प्रतिशत अनुदान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.
अधिकारियों ने बताया कि यह योजना मछुआ समुदाय के लिए आजीविका का एक अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराएगी.
साथ ही उनके आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध होगी. साथ ही मत्स्य उपभोक्ताओं को ताजी, सुरक्षित और उचित मूल्य पर मछली उपलब्ध हो सकेगी.
निष्कर्ष
मछली पालन एक अच्छा काम है. इसे खासतौर पर उन जमीनों पर किया जा सकता है, जो कृषि के लिए उपयुक्त नहीं है. ऐसे में उस जमीन पर तालाब खोदवाकर मछली पालन करके अच्छी कमाई की जा सकती है.









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