Home पशुपालन Scheme: NLM के तहत सरकार ने खर्च किए 474 करोड़ रुपए, बीमा के लिए पशुओं की संख्या बढ़ाई
पशुपालनसरकारी स्की‍म

Scheme: NLM के तहत सरकार ने खर्च किए 474 करोड़ रुपए, बीमा के लिए पशुओं की संख्या बढ़ाई

गर्मियों में पशु बहुत जल्द बीमार होते हैं. अगर ठीक से इनकी देखरेख कर ली जाए तो हम पशुओं को बीमार होने से बचा सकते हैं.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. देश में पशुपालन को बढ़ावा देने और इससे रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं इन्हीं योजनाओं में से एक राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) भी है. जिसका फायदा बहुत से किसानों को मिला है और सरकार ने इस योजना के तहत सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च किए हैं. बता दें कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास, प्रति पशु उत्पादकता में वृद्धि करना और इस प्रकार मांस, बकरी के दूध, अंडे और ऊन के उत्पादन को बढ़ाना है. ताकि सभी तबके के लोगों को इसका फायदा हो सके.

21 फरवरी 2024 से ऊंट, घोड़ा, गधा और खच्चर जैसे पशुओं के पालन करने वालों की मदद करने के लिए इस योजना में संशोधन कर इन जानवरों को भी शामिल किया गया है. व्यक्तिगत, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), स्वयं सहायता समूहों (SHG), संयुक्त देयता समूहों (JLG), किसान सहकारी संगठनों (FCO) और धारा 8 कंपनियों को प्रोत्साहन देकर पहली बार इन पशुओं को प्रजनन फार्म स्थापित करने के लिए चुना गया है.

हरे चारे की जरूरत भी दिया ध्यान
वहीं हरे चारे की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, साझा चरागाह भूमि, अवक्रमित वन भूमि, बंजर भूमि और वन भूमि में चारा उत्पादन के लिए काम किए जा रहे हैं.

इससे चारा खेती के लिए क्षेत्रफल बढ़ाने में मदद मिलेगी. केंद्र सरकार ने पशुधन बीमा कार्यक्रम को भी सुव्यवस्थित किया है.

लाभार्थी द्वारा प्रीमियम के रूप में दी जाने वाली राशि को घटाकर 15 फीसद कर दिया गया है, जो पहले विभिन्न लाभार्थी श्रेणियों और राज्यों में 20 से 50 परसेंट तक थी.

अब लाभार्थी केवल 15 परसेंट प्रीमियम राशि का योगदान देकर अपने पशुओं का बीमा करा सकते हैं और शेष प्रीमियम राशि केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा 60:40, 90:10 और 100 परसेंट के अनुपात में दी जाती.

साथ ही, एक लाभार्थी द्वारा बीमा किए जा सकने वाले पशुओं की संख्या भी 5 पशु से बढ़ाकर 10 पशु इकाई कर दी गई है.

अब एक लाभार्थी 100 छोटे पशुओं और 10 बड़े पशुओं का बीमा करा सकता है. हालांकि, सुअर और खरगोश के लिए यह संख्या 5 पशु ही होगी.

वर्तमान में, बीमा प्रतिशत केवल 0.98 फीसद है, सरकार ने देश की कुल पशु आबादी के 5 परसेंट को कवर करने के लिए पहलें की हैं.

निष्कर्ष
बता दें साल वर्ष 2025-26 के लिए 240 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 160 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है. अब तक, DAHD द्वारा 3843 आवेदनों को स्वीकार किया गया है और 2014 लाभार्थियों को सब्सिडी के रूप में 474.06 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशु को पानी से भरे गड्ढे में रखना चाहिए या पूरे शरीर को ठंडा पानी का छिड़काव करते रहना चाहिए. शरीर के तापमान को कम करने वाली औषधि का प्रयोग भी कर सकते हैं.
पशुपालन

Animal Husbandry: राजस्थान में अफसरों को 31 मार्च तक 21 लाख पशुओं का बीमा करने का मिला टारगेट

नई दिल्ली. राजस्थान के पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं गोपालन शासन सचिव डॉ....

पशुपालन

Animal: फ्री वैक्सीन के लिए जरूरी है आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और ईयर टैग

नई दिल्ली. केंद्र सरकार के पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत खुरपका...

ighlighting their potential to rejuvenate degraded lands, contribute to ecological balance, and provide sustainable green fodder throughout the year.
पशुपालन

Pashu Mela: राष्ट्रीय डेयरी मेले में दूध दोहन और पशु ब्यूटी कॉम्पिटिशन होगा

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल द्वारा राष्ट्रीय डेयरी मेला और...