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Dairy Animal: बच्चे देने के बाद पशु को मीठा सोडा कब दें, क्या है इसका फायदा, पढ़ें यहां पशुपालक

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
प्रतीकात्मक फोटो. Live stockanimal news

नई दिल्ली. पशुपालन में पशुओं से ज्यादा से ज्यादा दूध लेने के लिए पशुपालकों को कई काम करने पड़ते हैं. जब पशु बच्चे को जन्म दे देता है तो दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए इस दौरान उनका खास ख्याल रखना होता है. खासतौर पर पशु के खान-पान को लेकर ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत होती है. आमतौर पर पशुपालक ये सवाल भी करते हैं कि जब पशु बच्चा दे दे तो उसके बाद मीठा सोडा कब दिया जाए और कितना कितनी मात्रा में इसे देना बेहतर होता है? ताकि इससे पशुओं को फायदा मिले.

अगर आप भी पशुपालक हैं तो ये खबर आपके काम की है. क्योंकि हर पशुपालक भाई चाहते हैं कि उनका पशु ज्यादा दूध का उत्पादन करे. ताकि डेयरी फार्मिंग में उन्हें मोटा मुनाफा हो. इसलिए आपके लिए ये जानना जरूरी कि पशुओं के दूध उत्पादन में बढ़ोतरी करने से लिए पशुओं को मीठा सोडा देने साथ-साथ क्या-क्या दिया जाए.

इतने दिनों के बाद दें मीठा सोडा
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं को मीठा सोडा देना अहम होता है. इससे उन्हें फायदा मिलता है. बात की जाए पशु बच्चे के जन्म दे दे तो तब कितना सोडा देना चाहिए तो एक्सपर्ट के मुताबिक 10 दिन के बाद पशु को मीठा सोडा दिया जा सकता है. क्योंकि आमतौर पर जब पशु बच्चों को जन्म दे देता है तो उसके 5 से 7 दिन के बाद दाना मिश्रण दिया जाता है और इस दाना मिश्रण में पशु को अनाज दिया जाता है. पशुपालक भाई जब पशु को दाना मिश्रण में अनाज देना शुरू करें उसके तीन से चार दिन के बाद हफ्ते में दो बार मीठा सोडा जरूर दें. जहां तक रही मात्रा की बात तो हफ्ते में दो बार 50-50 ग्राम की मात्रा में मीठा सोडा दिया जा सकता है.

सोडा देने के फायदे क्या हैं
मीठा सोडा देने का फायदा यह है कि इससे दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होती है. साथ ही पशु का डाइजेशन सिस्टम भी अच्छा हो जाता है. जबकि इसको देने के बाद इससे गाय भैंस अच्छी तरीके से खाना खाती है और पानी पीती है. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि पशुपालकों को इस बात का भी खास ख्याल रखना चाहिए कि बच्चा देने के बाद पशु की जेर गिरने में ज्यादा दिक्कत न हो. जब जेर आसानी से गिर जाती है तो पशु की कई समस्या ऐसे ही हल हो जाती है. वहीं उसका दूध उत्पादन भी बढ़ जाता है. साथ ही डाइजेशन भी ठीक रहता है.

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