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Fish Farming: सिर्फ 95 रुपये में मछुआरों को मिलता है 7.75 लाख रुपये का बीमा, योजना के बारे में पढ़ें यहां

Under the Prime Minister Matsya Sampada Yojana (PMMSY), the flagship scheme of the Government of India in Andhra Pradesh, a total investment of Rs 2300 crore has been envisaged in the fisheries sector for five years. livestockanimalnews
समुंद्र से मछली पकड़ते मछुआरे. Live stockanimalnews

नई दिल्ली. मछली पालन करने वाले मछुआरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से बेहतरीन योजना चल रही है. इस योजना का नाम समूह दुर्घटना बीमा योजना (जीएआईएस) है. जिसे मोटे तौर पर मछुआरों के लिए बीमा के रूप में जाना जाता है. मछुआरों के लिए शुरू की गई इस योजना पीएमएमएसवाई के सब कंपोनेंट्स है. पीएमएमएसवाई के तहत जीएआईएस को लागू करने के लिए एनएफडीबी एक नोडल एजेंसी है. इस योजना के तहत 18 से 70 वर्ष की आयु वर्ग के मछुआरे बीमा कवरेज दिया जाता है.

यहां आपको ये भी मालूम होना चाहिए कि मछुआरों को इस योजना के तहत फायदा मिलता है. इस योजना के तहत मछुआरों में मछुआरे, महिला मछुआरे, मत्स्य श्रमिक, मत्स्य किसान और सीधे तौर पर मछली पकड़ने और मत्स्यपालन से संबद्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की कोई अन्य श्रेणी शामिल हैं.

बीमा कंपनी के बारे में जानें यहां
मैसर्स ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (ओआईसीएल) बीमाकर्ताः प्रोविडेंस इंडिया इंश्योरेंस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड मछुआरों को कवर देती है. प्रति मछुआरा/पति वर्ष कुल प्रीमियम राशि 95 रुपये है. केंद्र सरकार और सामान्य राज्य सरकार के बीच 60:40 (रु.57/- रु.38/-), केंद्र सरकार और उत्तर पूर्वी और हिमालयी राज्यों के बीच 90:10 (रु.85.5 5.9.5), केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्र सरकार का हिस्सा 95 रुपये है. इसमें कोई लाभार्थी (मछुआरे) अंशदान नहीं है. बीमा कवरेज बीमा कंपनी को बीमा प्रीमियन राशि का भुगतान करने की तारीख से लागू होगा.

ऐसे की जाती है योजना की निगरानी
जीएआईएस के कार्य को सुनिश्चित करने के लिए एनएफडीबी में बीमा प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है. इसमें एनएफडीबी के अधिकारी, बीमाकर्ता और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि शामिल हैं. प्रकोष्ठ योजना की निगरानी करता है और बीला दार्ता के निपटान के लिए राज्य केंद्र शासित प्रदेश के मत्स्यपालन विभाग और बीमा कंपनी के साथ समन्वय करता है. किसी भी जानकारी के लिए pmmsygais@gmail.com पर मेल किया जा सकता है.

यहां जानें कितना मिलेगा फायदा
बता दे की पॉलिसी वन के तहत समूह जनता व्यक्ति के दुर्घटना, पॉलिसीकर्ता मौत और स्थायी रूप से पूरी तरह से विकलांगता होने पर 5 लाख रुपये का कवरेज मिलता है. इसमें 91 रुपये का प्रीमियम देना होता है. दूसरी पॉलिसी में अस्थाई आंशिक विकलांगता और अस्पताल में भर्ती होने पर कवर दिया जाता है. बता दें कि इसमें ढाई लाख तक पीपीडी के लिए कवर मिलता है और अस्पताल में भर्ती होने के लिए 25 हजार रुपये का कवर दिया जाता है. इसके लिए सिर्फ 4 रुपये प्रीमियम देना होता है. कुल मिलाकर सिर्फ 95 रुपये में 7.75 लाख रुपये का कवर मिलता है.

Written by
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