Home सरकारी स्की‍म Fisheries: यहां पढ़ें, GAIS योजना का फायदा लेने के लिए मुछआरों को कौन-कौन से देने होंगे दस्तावेज
सरकारी स्की‍म

Fisheries: यहां पढ़ें, GAIS योजना का फायदा लेने के लिए मुछआरों को कौन-कौन से देने होंगे दस्तावेज

What two-way communication transponder
मछुआरों की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मछुआरों को केंद्र सरकार समूह दुर्घटना बीमा योजना (जीएआईएस) के तहत प्रोटेक्ट करती है. इस योजना के तहत मछुआरों को सिर्फ 95 रुपये के प्रीमियम पर 7.75 लाख रुपये तक कवर मिलता है. इसका फायदा लेने के लिए योजना से जुड़ी तमाम जानकारी मछुआरों के पास होनी चाहिए. मसलन कवर के लिए क्या समय सीमा है और कौन से दस्तावेज लगाए जाएंगे. अगर इन सब चीजों की जानकारी नहीं होगी तो फिर हो सकता है कि मछुआरे प्रीमियम देने के बावजूद इसका फायदा न उठाए सकें. आइए इसके बारे में जानते हैं.

योजना के तहत समय-सीमा तय की गई है. दरअसल, बीमा कंपनी को दावे की सूचना हादसे की तारीख से 120 दिनों के भीतर दी जानी चाहिए. बीमा कंपनी को दावा दस्तावेज दुर्घटना की तारीख से 180 दिनों के भीतर जमा करना होता है. बीमा प्रकोष्ठ 3 दिनों के भीतर बीमा कंपनी को दावा सूचना शेयर करना होता है. वहीं राज्य/जिला मात्स्यिकी अधिकारी किसी भी प्राप्त दावा सूचना को 7 कार्य दिवसों के भीतर बीमा सेल को भेजेंगे. इसके बाद राज्य/जिला मात्स्यिकी अधिकारी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 7 दिनों के अंदर बीमा सेल को कवरिंग पत्र के साथ मूल दावा दस्तावेज भेजेंगे, जिसे एमआईएस के माध्यम से अपलोड किया सकता है और इसके बाद सभी दस्तावेजों को डाक या व्यक्तिगत रूप से भेजा जा सकता है. फिर मैसर्स ओआईसीएल सभी संगत दस्तावेजों की प्राप्ति के बाद 15 दिनों के अंदर के भीतर दावे का निपटान करेगा.

दावा दस्तावेजों की सूची पढ़ें यहां

  1. मूल दावा सूचना फार्म
  2. बीमाधारक/क्लेम करने वाले सही तरह से इसे भरें और बीमा फार्म पर सिग्नेचर करें
  3. पहली सूचना रिपोर्ट यानि एफआईआर की प्रमाणित कॉपी
  4. पंचनामा की प्रमाणित प्रति (स्पॉट पंचनामा / पूछताछ पंचनामा)
  5. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (पीएमई) की प्रमाणित कापी
  6. जिला मात्स्यिकी अधिकारी का प्रमाणित लेटर और राज्य मत्स्यपालन विभाग के प्रधान कार्यालय से रिकमंडेशन लेटर
  7. ओरि​जनल डेथ सर्टिफिकेट
  8. परिवार सदस्य प्रमाण पत्र (कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र)
  9. अखबारों की कतरन, यदि कोई हो
  10. अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट/मौत संबंधी संक्षिप्त रिपोर्ट
  11. संबंधित बैंक अधिकारी द्वारा सिग्नेचर किए हुए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) बैंक खाता फार्म

12 रु.1/- की रसीदी टिकट चिपकाने के साथ क्लेम करने वाली की सिग्नेचर वाला डिस्चार्ज बाउचर

  1. डूबने के मामले में दो गवाहों का बयान
  2. डूबने या जहरीले पदार्थ के रख-रखाव या अन्य मामलों में कंक्लूजन सहित एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट/रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट.
  3. वैध ड्राइविंग लाइसेंस (सड़क दुर्घटना में जब बीमित व्यक्ति चालक रहा हो).
  4. पुलिस अधिकारियों से अंतिम जांच रिपोर्ट (एफआईआर).
  5. आधार कार्ड कॉपी/वोटर आईडी कॉपी/राशन कार्ड निवास पता प्रमाण के रूप में.
  6. नामित व्यक्ति का पैनकार्ड.
  7. मछुआरा सहकारी समिति सदस्यता प्रमाण पत्र / मछली पकडने का लाइसेंस.
  8. हलफनामा / अनापत्ति प्रमाण पत्र (एक से अधिक परिवार सदस्यों के मामले में).
  9. लापता मामलों के लिए कंपनशेसन बॉंड
  10. डूबने और अन्य मामलों के गवाह.
Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Aquaculture Insurance: एक्वाकल्चर बीमा कराने से मछली पालन में नुकसान की हो जाएगी भरपाई

नई दिल्ली. केंद्र सरकार मछली पालन को बढ़ावा देने का काम कर...

Fisheries,Fish Farming, Fish Farming Centre, CMFRI
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming: छत्तीसगढ़ में फिशरीज सेक्टर में पीएमएमएसवाई के तहत 900 करोड़ का हुआ है निवेश

नई दिल्ली. केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग...

fish farming
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming Scheme: मछुआरों को मिलेगा 5 लाख का मुफ्त दुर्घटना बीमा कवर देगी बिहार सरकार

नई दिल्ली. मछली पालन को बढ़ावा देने तथा मछुआरों और मछली पालकों...