Home सरकारी स्की‍म Scheme: चौर विकास योजना के तहत हुआ 29 हेक्टेयर तालाब का निर्माण, यहां पढ़ें स्कीम के फायदे
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Scheme: चौर विकास योजना के तहत हुआ 29 हेक्टेयर तालाब का निर्माण, यहां पढ़ें स्कीम के फायदे

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. बिहार सरकार की तरफ से पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा सात निश्चय—2 के तहत मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना शुरू की गई है. इसका मकसद बिहार में मछली आधारित एकीकृत जलीय कृषि के लिए आवश्यक और इस्तेमाल में ना ली जाने वाली निजी भूमि को विकसित करना है. साथ ही भूजल के स्तर में सुधार, जल, जीवन, हरियाली अभियान का समर्थन करना भी है. वहीं इससे किसानों को अतिरिक्त रोजगार का अवसर देने की भी कोशिश सरकार की ओर से की जा रही है. साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम भी इस योजना के तहत किया जा रहा है.

गौरतलब की सरकार किसानों की इनकम को दोगुना करना चाहती है. इसके लिए पशुपालन, मछली पालन और मुर्गी पालन जैसे कामों को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है. सरकार का मानना है कि कृषि पर आधारित रहने वाले किसानों के पास अगर आजीविका का एक और साधन होना चाहिए. अगर ऐसा होता है तो इससे उन्हें फायदा मिलेगा. फसल में नुकसान होने पर किसानों के पास खुद को संभालने के लिए एक और विकल्प होगा.

50 प्रतिशत का मिलता है अनुदान
गौरतलब है कि यह योजना मुख्यमंत्री को महत्वाकांक्षी योजना है. इससे बंजर और अनुपयोगी भूमि पर मछली पालन के जरिए किसानों को लाभ मिलेगा जल-जीवन-हरियाली अभियान को भी इससे बल मिलेगा. जिला मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष प्रकाश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक जिले को 102 हेक्टेयर में तालाब निर्माण का लक्ष्य मिला है. इसमें से 29 हेक्टेयर में कार्य पूरा हो चुका है. 42 हेक्टेयर में कार्य प्रगति पर है. उन्होंने बताया कि प्रति हेक्टेयर विभिन मॉडल के अनुसार 7.32 लाख, 8.88 लाख और 9.69 लाख की इकाई लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है.

​निर्माणाधीन तालाब का किया निरीक्षण
बता दें कि इस योजना को सरकार की तरफ से अमलीजामा भी पहनाया जा रहा है. इसके तहत मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के तहत लौरिया प्रखंड के गोनौली डुमरा पंचायत के बेलवा मोड़ गांव में 25 एकड़ में हो रहे तालाब निर्माण कार्यों का गुरुवार को निरीक्षण डीएम दिनेश कुमार राय ने किया. यह कार्य बेलवा मोड़ गांव के अनभूषण मिश्र, रवि भूषण मिश्र और अन्य किसानों द्वारा कराया जा रहा है. निरीक्षण के दौरान डीएम ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया कि चौर में तालाब निर्माण का कार्य हर हाल में 15 जून तक पूरा कराएं. साथ ही जिले के अन्य चौरों को चिन्हित कर किसानों को तालाब निर्माण के लिए प्रेरित करें.

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