Home मछली पालन National Fish Farmers Day: तेजी से बढ़ रहा मछली उत्पादन, लाखों लोगों की इनकम और रोजगार का बना जरिया
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National Fish Farmers Day: तेजी से बढ़ रहा मछली उत्पादन, लाखों लोगों की इनकम और रोजगार का बना जरिया

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि मछली सेहत के लिए फायदेमंद है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. हर साल 10 जुलाई को पूरे देश में राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस यानी नेशनल फिश फार्मर्स डे मनाया जाता है. मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए इस दिन खास तौर पर मछली पालन को बढ़ावा देने में ऐतिहासिक योगदान देने वाले लोगों वैज्ञानिकों, किसानों आदि को सम्मानित करने का काम भी सरकार की ओर से किया जाता है. ताकि मछली के उत्पादन के प्रति लोग और ज्यादा प्रेरित हो सकें. जिससे इस सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ें और सभी को इसका फायदा मिल सके. आपको बताते चलें कि सरकार की तमाम कोशिशों के चलते फिशरीज सेक्टर दिन रात तरक्की कर रहा है और इससे लाखों लोगों को फायदा भी मिल रहा है.

भारत में मछली उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. ताजे आंकड़ों की बात करें तो 2024—25 में 197.75 टन मछली का उत्पादन दर्ज किया गया है. इससे ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों में लगभग 2.8 करोड़ लोगों को आजीविका और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 74 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार भी मिला है. जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सेक्टर किस कदर अहम बनता चला जा रहा है.

68 फीसद हिस्सा यहां से आता है
आपको बता दें कि अंतर्देशी आइलैंड मीठे पानी की मछली का उत्पादन का लगभग 68 फीसद हिस्सा तालाबों, झीलों और नदियों से आता है.

मीठे पानी की मछलियों में आमतौर पर रोहू, कतला, मृगल और झींगा और फ्रोजन​ झींगा जैसी प्रजातियां शामिल हैं और इसी से मछली किसानों को अच्छी कमाई होती है.

वहीं समुद्री मछली की उत्पादन की बात करें तो 58.6 लाख मैट्रिक टन अनुमानित है.

इससे भी तकरीबन 50 लाख मछुआरों की आजीविका चल रही है. साथ ही खाद्य सुरक्षा, पोषण और ये रोजगार का भी जरिया है.

गौरतलब है कि भारत में लगातार सी फूड उत्पादन भी बढ़ा है. 2025—26 के दौरान लगभग 73 हजार 890 करोड़ रुपए मूल्य की समुद्री फूड का निर्यात भी किया गया है.

समुद्री और मीठे पानी की मछलियों के उत्पादन के साथ-साथ कई और तकनीक के जरिए भी मछली पालन का काम किया जा रहा है.

इसमें बायोफ्लॉक तकनीक और आरएरस जैसी तकनीक भी शामिल है. जिससे कम पानी में ज्यादा मछलियों को उत्पादन किया जा सकता है.

इसके अलावा आर्नामेंटल यानी सजावटी मछलियों का भी एक बड़ा बाजार है. घरों में लोग इसे सजाने के लिए शीशे के टैंक में पालते हैं.

सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना भी चलाई जा रही है. जिसके जरिए मछली पालन करने वालों की मदद सरकार करती है.

ऐसे किसान जो कृषि पर आधारित है और उनकी भूमि बंजर है. उन्हें भी इस योजना के तहत मछली पालन करने के प्रति प्रेरित करने का काम सरकार की तरफ से किया जा रहा है.

इतना ही नहीं किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी 5 लाख रुपए तक का लोन और मछुआरों को बीमा कवरेज जैसी सुविधाएं भी सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही हैं.

Written by
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