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Milk Production: पशुओं को इस वक्त खिलाएं नींबू का अचार तो बढ़ जाएगा दूध उत्पादन, पढ़ें तरीका

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सीमन और राठी गाय की प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. नींबू के अचार के बारे में कौन नहीं जानता है. इसके टेस्ट को किसने नहीं चखा होगा. हर घर में नींबू का अचार आसानी से उपलब्ध रहता है. अगर आप पशुपालक हैं और नींबू का अचार खाते भी हैं तो क्या आपने कभी यह सोचा कि नींबू का यही अचार पशुओं गाय—भैंसों के लिए फायदेमंद भी है. जहां हां, आपने सही पढ़ा है. नींबू के अचार में इतनी क्वालिटी होती है कि आपकी गाय और भैंस का वजन बढ़ा सकता है. गाय और भैंस के थन को तरह से ग्रोथ में ला सकता है. जाहिर सी बात है कि अगर थन अच्छा होगा तो पशु ज्यादा दूध का उत्पादन में करेंगे.

एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि नींबू का अचार डेयरी फार्मिंग में ज्यादा फायदा दिलाने में अहम हो सकता है. हालांकि नींबू का अचार किस तरह से देना है, इसकी जानकारी होना भी बेहद ही अहम है. नींबू के अचार से हम किस तरह से अडर की ग्रोथ कर सकते हैं. किस तरह से पशुओं का वजन बढ़ा सकते हैं. आइए इस बारे में जानते हैं.

कब खिलाना है नींबू का अचार जानें यहां
गाभिन पशुओं का जो अंतिम महीना होता है, जिसे हम ट्रांजिशन पीरियड कहते हैं. इस ट्रांजिशन पीरियड में जब ट्रांजिशन फीड दिया जाता है तो हमें नींबू का अचार भी देना चाहिए. बता दें कि नवां महीना गाय अंतिम महीना होता है और गाभिन भैंस का आखिरी महीना, दसवां माना जाता है. इस आखिरी महीने में 20 दिन तक लगातार 100 ग्राम रोज नींबू का अचार देते हैं तो ​अडर की ग्रोथ होने लगती है और अगर अडर बढ़ा हुआ होगा तो जाहिर सी बात है कि यह दूध का उत्पादन भी ज्यादा करेगा. हालांकि इसको सपोर्टिंग फीड के तौर पर हमें जानवरों को खिलाना है.

ये तीन चीज भी पशुओं को खिलाएं
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि इसके अलावा विटामिन एच की दवा पशुओं को देनी होती है. विटामिन एच की दवा 15 से 20 एमएल दी जा सकती है. साथ में नारियल का बुरादा भी पशुओं को दे सकते हैं, जो सबसे सस्ता वही खरीद कर दे सकते हैं. अगर आप 100 ग्राम नारियल ​का बुरादा देते हैं तो इससे पशुओं को फायदा मिलेगा. पशुओं को इस पीरियड में नौसादर भी दिया जाता है. क्योंकि यह बहुत ज्यादा फायदा पहुंचता है. थनैला जैसे रोग को बचाने में नौसादर बड़ा अहम रोल अदा करता है. नौसादर 50 ग्राम पशुओं को दे सकते हैं. इन तीनों चीजों को आखिरी महीने में देने पर गाय आौर भैंस का वजन भी तेजी के साथ बढ़ता है.

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