Home डेयरी Dairy: एक-एक गाय से 70-80 लीटर तक दूध ले रहा है ये पशुपालक, इस खास मॉडल पर करता है पशुपालन
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Dairy: एक-एक गाय से 70-80 लीटर तक दूध ले रहा है ये पशुपालक, इस खास मॉडल पर करता है पशुपालन

गोवंश के लिए योगी सरकार ने समाज को भी इस अभियान का हिस्सा बनाते हुए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रखी हैं.
चारा खाती एफएफ गाय.

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग में अगर पशु ज्यादा दूध का उत्पादन करता है तो इससे डेयरी फार्मर को खूब मुनाफा होता है. जबकि दूसरी तरफ दूध का उत्पादन कम होता है तो डेयरी फार्मिंग का बिजनेस डूब भी सकता है. कई मरतबा पशु के दूध देने की क्षमता तो ज्यादा होती है लेकिन बावजूद उसके पशुपालक उस क्षमता के मुताबिक पशु से दूध नहीं ले पाते हैं लेकिन हम यहां आज एक ऐसे पशुपालक के बारे में बात करने जा रहे हैं जो एक-एक गाय से 70 से 80 लीटर तक दूध का उत्पादन ले रहे हैं. जी हां हो सकता है कि आप पढ़ कर हैरान हो गए हों लेकिन इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है. यही हकीकत है. पशुपालक कुछ ऐसे तरीके अपना रहा है, जिसकी वजह से उसकी गाय ज्यादा दूध का उत्पादन कर रही है.

हाल ही में लुधियाना पंजाब में 8 फरवरी को पीडीएफ से इंटरनेशनल डेरी एंड एग्री एक्सपो का आयोजन किया गया था, जहां पर मोगा जिले के नूरपुर हाकिम गांव के निवासी हरप्रीत सिंह की एचएफ गाय ने 82 लीटर दूध देकर रिकॉर्ड कायम कर दिया और ईनाम में ट्रैक्टर जीता. इसके बाद से ही लोग हरप्रीत सिंह से ज्यादा दूध उत्पादन लेने का राज जानने की कोशिश करने लगे. जिससे उनकी गाय इतना ज्यादा दूध का उत्पादन कर रही है. इस आर्टिकल में हम आपको यही बताने वाले हैं.

पशुओं को खुला रखते हैं
हरप्रीत सिंह ने लाइव स्टक एनिमल न्यूज को बताया कि वह अपने पशुओं को बाड़े में हमेशा ही खुला रखते हैं. क्योंकि पशु बाड़े में जब खुले रहते हैं तो खुद को स्ट्रेस फ्री महसूस करते हैं. इससे उनका दूध उत्पादन बढ़ जाता है. पशु का दिल जब चाहता है वह खाते हैं, जब चाहता है जुगाली करते हैं, जब दिल चाहता है वह पानी पीते हैं. उनके लिए भरपूर चारा पानी का इंतजाम किया जाता है. ताकि वह जब चाहें खाए पीएं और खुद को स्ट्रेस फ्री महसूस करके ज्यादा दूध का उत्पादन करें. इसका फायदा यह भी होता है कि जब पशु स्ट्रेस फ्री होते हैं, तो वह बीमार नहीं पड़ते हैं और इससे भी दूध उत्पादन बढ़ता है. जबकि बीमारियों की वजह से दवा इलाज का खर्च बच जाता है जिससे पशुपालन की लागत भी कम हो जाती है.

हरे चारे की जगह खिलाते हैं साइलेज
हरप्रीत के मुताबिक उनके पास कई पशु हैं जो 70 लीटर से ज्यादा दूध का उत्पादन करते हैं. इसका राज खोलते हुए उन्होंने कहा कि वह हरे चारे पर डिपेंड नहीं रहते, क्योंकि हरा चारा कभी उपलब्ध होता है तो कभी नहीं. इस वजह से हमेशा ही पशुओं को साइलेज खिलाते हैं. वो पशुओं को मक्के का साइलेज खिलाते हैं, जिसमें एनर्जी भरपूर मात्रा में होती है और इससे पशु ज्यादा दूध का उत्पादन करता है. जबकि पशु को साल भर हरे चारे से मिलने वाले सारे पोषक तत्व भी साइलेज के द्वारा मिल जाते हैं. उन्हें कभी भी हरे चारे की कमी होने पर पोषक तत्वों की कमी नहीं होती, जिससे दूध उत्पादन में भी कमी नहीं आती है.

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चारा खाती एफएफ गाय.

पशु के सामने रख देते हैं चारा
हरप्रीत अपने बाड़े में पशुओं के चारे के लिए टोटल मिक्स राशन मशीन रखी है. इसी में सभी चारे को डालकर पीस देते हैं और फिर पशुओं की जरूरत के मुताबिक उनके सामने रख दिया जाता है. पशु दिनभर में 70 किलो चारा खाते हैं और बाल्टी भर के दूध का उत्पादन करते हैं, क्योंकि पशु एक जगह बंधे नहीं होते तो जब उनका दिल चाहता है वह चारा खाते रहते हैं. वहीं हरप्रीत पशु को मिनरल मिक्सचर, कंसंट्रेट फीड समेत वो सबकुछ खिलाते हैं जिससे दूध का उत्पादन बढ़ जाता है. अगर आप भी चाहते हैं कि आपका पशु भी ज्यादा से ज्यादा दूध का उत्पादन करे तो पीडीएफए इंटरनेशनल डेरी एंड एग्री एक्सपो में ईनाम जीतने वाली एचएफ गाय के मालिक हरप्रीत द्वारा बताए गए इन तरीकों को अपना सकते हैं.

Written by
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