Home मछली पालन Fish Farming: घर की छत पर भी कर सकते हैं मछली पालन, यहां पढ़ें क्या है इसका तरीका, कितना आएगा खर्च
मछली पालन

Fish Farming: घर की छत पर भी कर सकते हैं मछली पालन, यहां पढ़ें क्या है इसका तरीका, कितना आएगा खर्च

fish farming in tank
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मछली पालन एक ऐसा व्यवसाय है, जिससे आप सालाना 5 से 6 लाख रुपए की इनकम हासिल कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए आपको तालाब खुदवाने की जरूरत पड़ेगी और उसमें मछली पालन करेंगे तो इससे आपको कमाई होगी, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आप मछली पालन घर की छत पर भी कर सकते हैं. जी हां, पढ़कर हैरान न हों. यह बिल्कुल सच है कि आप घर की छत पर मछली पालन कर सकते हैं और इससे भी आपको अच्छी कमाई करने का मौका मिलेगा. तो आईए जानते हैं कैसे यह संभव है.

यहां हम बात कर रहे हैं कि मछली पालन में आरएस सिस्टम की. आरएस एक ऐसा सिस्टम है, जिसके तहत आप एक प्लास्टिक की टैंक में मछली फार्मिंग करते हैं और इस आरएस सिस्टम को आप घर की छत पर भी बनवा सकते हैं. जिसमें आप मछलियां डाल सकते हैं और जब मछली का उत्पादन होता है तो आपको इससे अच्छी खासी कमाई होती है. आईए जानते हैं कि घर की छत पर मछली पालन करने में कितना खर्च आएगा और कैसे इसे किया जा सकता है.

50 हजार सिस्टम लगवाने में आएगा खर्च
आरएस सिस्टम के तहत आप घर की छत पर मछली पालन की शुरुआत कर सकते हैं और इस सिस्टम को लगाने में सिर्फ 50 हजार रुपए की लागत आएगी. आरएस यानी रेगुलेट एक्वाकल्चर सिस्टम में एक तालाब होता है. जिसमें मछलियां पाली जाती हैं. यह तालाब प्लास्टिक का बनाया जाता है. इसे आप टैंक भी कह सकते हैं. इसको आप अपने छत पर लगा सकते हैं जो बाजार में आसानी के साथ 50 हजार रुपए में उपलब्ध हो जाता है. इसके अंदर पूरा सिस्टम लगा हुआ होता है और इस सिस्टम के तहत जो आपको वॉटर टैंक मिलेगा, इसमें 20 हजार लीटर तक पानी भर सकते हैं.

20 से 30 फीट की चाहिए जगह
बता दें कि इसके अंदर आप चार हजार मछलियों का बीज डाल सकते हैं. यानि कि आप चार हजार मछलियों का पालन एक साथ कर सकते हैं. इस वाटर टैंक की ऊंचाई तकरीबन 5 फीट होती है. इसको लगाने के लिए आपको 20 से 30 फीट की जगह चाहिए होगी. अगर आपकी छत बड़ी है तो इसे आसानी से लगा सकते हैं. इस टैंक में एक पंप लगा होता है, जो ऑक्सीजन लेवल को मेंटेन करता है. ताकि मछलियों को ऑक्सीजन मिलती रहे. क्योंकि मछलियों के लिए ऑक्सीजन बेहद जरूरी है. अगर उन्हें ऑक्सीजन न मिले तो उनकी मौत भी हो सकती है. वहीं मछलियों की ग्रोथ के लिए भी ऑक्सीजन जरूरत होती है. अगर आप भी इस काम को करना चाहते हैं तो कर सकते हैं और इसे आपको अच्छी कमाई हो सकती है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

shrimp farming problems
मछली पालन

Fisheries: टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से भीमावरम फिशरीज क्लस्टर होगा मजबूत

नई दिल्ली. नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बिजय...

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
मछली पालन

Fisheries: आंध्र प्रदेश ने 64 लाख टन मछली उत्पादन कर टारगेट किया पूरा

नई दिल्ली. भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के...

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन

PMMSY के तहत हरियाणा में फिशरीज सेक्टर हुआ मजबूत

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) एक ऐसी योजना है, जिसके...