Home मछली पालन Fish Farming: इस इस तरह करें मछली के तालाब में एरिएशन, मशीन की भी नहीं पड़ेगी जरूरत
मछली पालन

Fish Farming: इस इस तरह करें मछली के तालाब में एरिएशन, मशीन की भी नहीं पड़ेगी जरूरत

Animal Husbandry, Fish, Duck Farming, Poultry Farming
रूपेश कुमार का तालाब

नई दिल्ली. मछली पालन एक बेहतरीन काम है और इससे खूब कमाई की जा सकती है. सरकार भी चाहती है कि लोग मछली पालन करें ताकि उनकी इनकम बढ़ सके. इसलिए सरकार की ओर से सब्सिडी और लोन की व्यवस्था की गई है. तकि लोगों के पास बजट की कमी है तो सरकार से आर्थिक मदद लेकर इस काम को कर सकें. फिश एक्सपर्ट का कहना है कि मछली पालन में कई चीजों की जानकारी करना बेहद जरूरी है, नहीं तो इस काम में नुकसान भी हो सकता है. इसलिए मछली पालकों को एक्सपर्ट हमेशा ही ट्रेनिंग लेने के बाद इस काम को करने की सलाह देते हैं.

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि मछली पालन में सबसे अहम कामों में से एक एरिएशन का काम है. तालाब के अंदर एरिएटर चलाया जाता है, ताकि मछलियों को ऑक्सीजन मिल सके. क्योंकि अक्सर मछलियों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. इस वजह से एरिएटर चलाना पड़ता है. इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि बिना एरिएटर चलाए बिना भी कैसे मछलियों के लिए तालाब में ऑक्सीजन की मात्रा को भरपूर रूप से बनाया जा सकता है.

इस तरह तालाब में ऑक्सीजन रहती है मेंटेन
बड़े लेवल पर फिश फार्मिंग करने वाले कई मछली पालकों का कहना है कि किसान चाहें तो तालाब के किनारे एक ट्यूबवेल लगवा सकते हैं. इससे वो तालाब के अंदर ताजा पानी भर सकते हैं. वहीं एक ऐसा पंपिंग सेट लगवाएं जिससे कि तालाब का पानी को उसी तालाब में वापस डाला जा सके. बस इसके लिए जरूरी है कि थोड़ा सा ऊंचाई से पानी तालाब के अंदर गिरे. इससे एरिएटर मशीन चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाएगी. पानी ऊपर से गिरेगा तो तालाब के पानी पर जमी परत टूट जाएगी और इसे ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाएगी. जिससे मछलियों को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिलती रहेगी और उन्हें किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी. इस तरीके से एरिएशन अच्छी तरह से भी किया जा सकता है.

इससे कम हो जाएगी मछली पालन की लागत
आपको बता दें कि बहुत से मछली पालक मछली के साथ-साथ बत्तख का भी पालन करते हैं. ताकि एरिएशन का काम बत्तख कर दें. क्योंकि बत्तख जब पानी में रहती है तो वह बार-बार अपने पंखों को चलाती रहती है. इससे पानी में एरिएशन का काम होता रहता है. अगर आप चाहें तो बत्तख पालन करके भी एरिएशन का काम कर सकते हैं. जिससे आपको एरिएटर मशीन पर खर्च नहीं करना होगा और इससे आपकी मछली पालन की लागत भी कम हो जाएगी.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Under Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana (PMMSY) and Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund (FIDF) the Department of Fisheries has approved the development of post-harvest interface viz- cold storage, fish processing and Marketing infrastructure.
मछली पालन

Fish Farming: बिहार में मछलियों की ब्रांडिंग करने की है तैयारी, मछली किसानों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली. बिहार मछली उत्पादन के मामले में आगे बढ़ रहा है....

मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming Scheme: बिना टेंशन करिए मछली पालन, नुकसान होगा तो सरकार करेगी मदद

नई दिल्ली. बाढ़, चक्रवात, जल प्रदूषण और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण...

Deep Sea fishing vessels, Ice Plants, Livelihood & Nutritional Support have been implemented in Kakinada District.
मछली पालन

Fish Farming: अगले 5 वर्षों में तीन करोड़ टन मछली उत्पादन का लक्ष्य

नई दिल्ली. भारत ने अंतर्देशीय लघु मत्स्य पालन के लिए एक अलग...

मछली पालन

Fish Farming: जयंती रोहू और अमृत कतला मछली पालकर कम वक्त में ज्यादा कमाई का मिलता है मौका

नई दिल्ली. मछली पालन एक बेहतरीन काम है और इसको करके अच्छी...