Home डेयरी Dairy Farming Scheme: जानें दूध का सपोर्ट प्राइज देने की मांग पर क्या बोली केन्द्र सरकार
डेयरी

Dairy Farming Scheme: जानें दूध का सपोर्ट प्राइज देने की मांग पर क्या बोली केन्द्र सरकार

सामान्य तौर पर गाय ढाई से 3 वर्ष में और भैंस तीन से चार वर्ष की आयु में प्रजनन योग्य हो जाती हैं. प्रजनन काल में पशु 21 दिनों के अंतराल के बाद गाभिन करा देना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. डेयरी क्षेत्र कृषि इकोनॉमी में 5 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है. पशुधन से प्रोडेक्शन के रेट में दूध और दूध उत्पादों का बड़ा हिस्सा होता है. दूध उत्पादन का मूल्य 2022-23 में खाद्यान्न उत्पादन के कुल मूल्य को पार करते हुए 11.16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) के पास डेयरी किसानों के लिए सब्सिडी शुरू करने की कोई योजना नहीं है, क्योंकि डीएएचडी देश में दूध की खरीद और बिक्री की कीमतों को रेगुलेट नहीं करता है. कीमतें सहकारी और निजी डेयरियों द्वारा उनके उत्पादन की लागत और बाजार के आधार पर तय की जाती हैं. डेयरी सहकारी क्षेत्र में उपभोक्ता के लगभग 70 से 80 प्रतिशत रुपये का भुगतान दूध उत्पादक किसानों को किया जाता है.

दूध प्रोडेक्शन और दूध प्रोसेसिंग के लिए किए गए कंपलीमेंटरी और सप्लीमेंटरी करने के लिए डीएएचडी देश भर में कई स्कीम को लागू किया है. जिनमें राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम, पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ), राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम), राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम), पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) शामिल हैं. आइये इनके बारे में जानते हैं कि ये कैसे काम करती हैं.

I. राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी)

डेयरी गतिविधियों में संलग्न डेयरी सहकारी समितियों एवं किसान उत्पादक संगठनों को सहायता प्रदान करना (एसडीसीएफपीओ)

पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ)

राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)

राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम)

पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी)

ये योजनाएं दूध देने वाले पशुओं की दूध उत्पादकता में सुधार, डेयरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, चारा और चारे की उपलब्धता बढ़ाने और पशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में मदद कर रही हैं. ये दूध उत्पादन की लागत को कम करने, संगठित बाजार उपलब्ध कराने और उपज के लाभकारी मूल्य के साथ डेयरी फार्मिंग से आय बढ़ाने में भी मदद करते हैं.

एनपीडीडी के तहत 23,516 डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना किया गया है. इसके अलावा डीएएचडी और सहकारिता मंत्रालय संयुक्त रूप से सहकारी डेयरी मॉडल के विस्तार के लिए श्वेत क्रांति 2.0 को लागू कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य एनपीडीडी योजना के माध्यम से पांच वर्षों में देश भर में 75000 नई डेयरी सहकारी समितियां बनाना है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy: तेलंगाना में दूध की खरीद को बढ़ाने में सहयोग करेगा एनडीडीबी, सरकार से हुआ समझौता

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने तेलंगाना राज्य में सहकारी...

पनीर असली है या नकली इसकी पहचान करने का सबसे पहला तरीका यह है कि पनीर के टुकड़े को हाथों से मसलकर देखें.
डेयरी

Dairy: डिटर्जेंट और यूरिया मिलाकर बना रहे पनीर, जांच करने पर नमूनों में मिली 97 फीसद तक मिलावट

नई दिल्ली. राजस्थान की राजधानी जयपुर में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy Sector: पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारी डेयरी नेटवर्क को विस्तारित करेगी सरकार

नई दिल्ली. अगर कहीं भी सरकार सहकारी डेयरी नेटवर्क का विस्तार करती...

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरीसरकारी स्की‍म

Milk Production: दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी किसानों को दी जा रही प्रोत्साहन राशि

नई दिल्ली. बिहार के बरौनी सुधा डेयरी से जुड़े दूध उत्पादक किसानों...