Home मछली पालन Fish Farming: तालाब में सेंधा नमक डालने के फायदे पढ़ें यहां, कितना इस्तेमाल करना है ये भी जानें
मछली पालन

Fish Farming: तालाब में सेंधा नमक डालने के फायदे पढ़ें यहां, कितना इस्तेमाल करना है ये भी जानें

मछली में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो पूरे मछली के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
तालाब में पाली गई मछली की तस्वीर.

नई दिल्ली. मछली पालन में बेहतर उत्पादन लेने के लिए और उससे ज्यादा कमाई करने के लिए मछली पालन से जुड़ी तमाम बारीकियां के बारे में मछली पालकों को जानकारी होना चाहिए. तभी इसका फायदा उन्हें मिलेगा. जैसे हर मछली पालकों को यह पता होना चाहिए कि तालाब के अंदर फीड की कास्ट को कम करने के लिए गोबर का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं कई पोषक तत्व और मछलियों की बीमारियों से बचाने के लिए चूना डाला जाता है. आपको बता दें कि इसके अलावा सेंधा नमक का इस्तेमाल भी तालाब के अंदर किया जाता है.

एक्सपर्ट कहते हैं वैसे तो मछली पालन अच्छा काम है लेकिन बिना इसकी सटीक जानकारी से इससे ज्यादा मुनाफा नहीं कमाया जा सकता है. इसलिए मछली पालन की तमाम बारीकियां और सटीक जानकारी होना बेहद जरूरी है. इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि तालाब के अंदर सेंधा नमक डालने का क्या फायदा है और इससे मछलियों की ग्रोथ पर क्या असर पड़ता है. आई इस बारे में जानते हैं.

मछलियों की हैल्थ रहती है अच्छी
फिश एक्सपर्ट कहते हैं कि सेंधा नमक नाइट्राइट की विषाक्त को कम करने के लिए कारगर है. मछलियों को बीमारियों से बचाने के लिए सेंधा नमक बेहद ही फायदेमंद होता है. अगर आप तालाब में जरूरी मात्रा में सेंधा नमक डाल देते हैं तो इससे मछलियों को बीमारियों से बचाया जा सकता है. न सिर्फ मछलियां बीमारियों से बचाती हैं, बल्कि उनकी हैल्थ भी अच्छी रहती है. इससे वह बेहतर प्रदर्शन करती हैं और उनकी ग्रोथ अच्छी होती है. जिसके नतीजे में उत्पादन भी ज्यादा मिलता है. अगर मछलियों के तालाब में उत्पादन अच्छा मिलता है तो आपको इससे फायदा भी ज्यादा होता है.

बीमार मछलियों हो जाती हैं ठीक
फिश एक्सपर्ट कहते हैं कि सेंधा नमक बीमार मछलियों को ठीक करने में भी काम आता है. अगर मछली बीमार है तो इसे जल्दी ठीक हो जाती हैं. वहीं सेंधा नमक मछलियों के तनाव का स्तर कम रखता है. सेंधा नमक चूने की एक परत भी तैयार करने में मददगार होता है. जिससे परजीवी बैक्टीरिया और अन्य बीमारी फैलने वाले कीटाणु मर जाते हैं. जिसकी वजह से मछलियों को नुकसान नहीं होता है.

कितना डालना चाहिए नमक
हो सकता है कि आपका दिमाग में सवाल आ रहा हो कि नमक का इस्तेमाल कितनी मात्रा में करना है तो आपको बता दें कि 1 लीटर पानी में 0.5 ग्राम नमक, चूना और गोबर का इस्तेमाल किया जाता है. अगर तालाब में 84951 लीटर पानी है तो तब इन चीजों का इस्तेमाल 42.47 किलो किया जाएगा. अब आपके तालाब में जितना पानी हो उसे हिसाब से आप इन चीजों को डाल सकते हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

The State-wise number of coastal fishermen villages for development as Climate Resilient Coastal Fishermen Villages are envisaged in proportion to the total number of coastal fishermen villages in the State and at present
मछली पालन

Fisheries: पीएमएमएसवाई के तहत एक्वा पार्कों की स्थापना के लिए 713 करोड़ रुपए की मिली मंजूरी

नई दिल्ली. मत्स्य पालन विभाग (डीओएफ), मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय...

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
मछली पालन

Fish Farming: सर​कार ने कहा ट्रॉलरों से पकड़ी जाने वाली मछलियों की मात्रा में नहीं आई है कोई कमी

नई दिल्ली. सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) को 2021-25 के दौरान...