Home पशुपालन Animal News: देश की सबसे बड़ी काऊ सेंक्चुरी में 5 हजार गायों को मिलेगा सहारा, यहां पढ़ें इसकी खासियतें
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Animal News: देश की सबसे बड़ी काऊ सेंक्चुरी में 5 हजार गायों को मिलेगा सहारा, यहां पढ़ें इसकी खासियतें

बेहसारा गायों और काउ सेंक्चरी की तस्वीर.

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में बेसहारा गोवंशो को सहारा देने के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है, न सिर्फ उत्तर प्रदेश सरकार बल्कि केंद्र सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है. यही वजह है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पुकारजी विधानसभा क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी काऊ सेंक्चुरी को 1 साल के अंदर ही बनाकर तैयार कर दिया गया है. 63 एकड़ में फैली इस सेंक्चुरी का निर्माण तुगलकपुर कामखेड़ा गांव में किया गया है. जिसका उद्घाटन केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने किया. इस दौरान पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल मौजूद रहे. सरकार की ओर से बताया गया है कि इस केंद्र पर पांच हजार गोवंशों को रखने की व्यवस्था होगी.

इस सेंक्चुरी में पांच हजार गायों को रखकर उनकी देखभाल की व्यवस्था की जाएगी. इतना ही नहीं यहां पर कृत्रिम गर्भाधान केंद्र और किसानों को ट्रेनिंग भी दिया जाएगा. इसको लेकर तमाम आधुनिक सुविधाएं भी यहां पर होंगी. कुल 41 करोड़ की इस परियोजना में सिर्फ और सिर्फ गायों पर काम किया जाएगा.

मंत्री बोले-दूध का भी उत्पादन होगा
बता दें कि करीब 8 महीना पहले इस परियोजना का शिलान्यास पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने किया था. 41 करोड़ की कुल परियोजना के तहत इसका निर्माण करने में 8 महीने का समय लगा. इस केंद्र की शुरुआत के मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी बघेल ने कहा कि देश ही नंबर वन को सेंक्चुरी की शुरुआत की गई है. वहीं यहां पर आई कृत्रिम गर्भाधान के लिए ट्रेनिंग और किसानों के प्रशिक्षण को लेकर भूमि पूजन भी किया गया है. उन्होंने कहा कि मैंने बहुत सी गौशालाएं देखी हैं लेकिन यह नंबर वन है. 63 एकड़ में 41 करोड़ की लागत लगी है. यहां पर पांच गायों के लिए 12 शेड हैं. इस दौरान 138 ऐसाी गायों की पहचान की गई है जो गर्भधारण कर सकती हैं. इस तरह से वहां दूध भी उत्पादित होता.

दूसरे शहरों में इस मॉडल पर होगा काम
एसपी सिंह बघेल कहा कि अच्छी बात यह है कि पीपीपी मॉडल पर आईवीएफ तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. जो काम कई सरकारी संस्थान नहीं कर पा रहे हैं, वह यहां होगा. साहिवाल, थारपारकर या गिर गाय से 90 फीसदी मामलों में बछिया पैदा होगी. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि इस तरह के मॉडल को दूसरे शहरों में भी खोले जाने की जरूरत है. अगर यह कामयाब हुआ तो ऐसा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि गाय के गोबर से सीएनजी बनेगी. ऐसा कहीं किसी जगह नहीं हो रहा है और भी अलग-अलग तरह के प्रयोग चल रहे हैं. अभी यहां पर 3000 गायें हैं.

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