नई दिल्ली. भैंस के हीट यानि मद में न आने से पशुपालकों को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान होता है. यदि भैंस का बच्चा देने के बाद या व्यस्क होने से पहले ही समय पर हीट में नहीं आती तो इससे सबसे बड़ा नुकसान दूध उत्पादन पर होता है. क्योंकि इससे दूध का उत्पादन घट जाता है. इतना ही नहीं प्रजनन चक्र भी प्रभावित होता है और लंबा हो सकता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि 12 से 14 महीने से बढ़कर प्रजनन का वक्त 18 से 24 महीने तक हो सकता है. इससे एक भैंस अपने जीवन काल में कम बच्चे और कम दूध का उत्पादन करती है.
हालांकि भैंस के हीट में न आने की समस्या जितनी बड़ी है. इसे उतनी ही आसानी से सही भी किया जा सकता है. कुछ देसी तरीके भी हैं. जिनको आजमाने से भैंस के हीट में न आने की समस्या को दूर किया जा सकता है. यदि आप भी इस बारे में जानना चाहते हैं तो इस रिपोर्ट को आखिरी तक पढ़ना ना भूलें.
अपनाएं ये आसान देसी उपाय
एक्सपर्ट का कहना है कि भैंस को रोजाना 250-500 ग्राम गुड़ खिलाना शुरू करें.
यदि भैंस हीट में न आए तो मेथी दाना 100-150 ग्राम रोजाना खिलाएं.
वहीं भैंस को अंकुरित गेहूं या फिर चना 500 ग्राम रोजाना खिलाने से भी फायदा होगा.
मिनरल मिक्सचर रोजाना खिलाएं. इसके साथ ही नमक भी पशु को खिलाएं.
हरा चारा व साफ पानी पर्याप्त मात्रा में देने से पशु को फायदा होता है.
पशु के लिए भी एक्सरसाइज जरूरी है. रोजाना 20-30 मिनट टहलाएं यानि व्यायाम कराएं.
2-3 महीने तक हीट न आए तो पशु चिकित्सक से जांच कराएं. हो सकता है कोई बीमारी हो. जिसका इलाज कराना ही एक मात्र रास्ता हो.
इन उपायों के फायदे की बात करें तो पशु के अंडाशय की कार्यप्रणाली सुधारने काम करते हैं.
भैंस के हीट में आने की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही पाचन शक्ति मजबूत करने में भी मददगार हैं.
निष्कर्ष
पशुपालन में पशु का हीट में आना बेहद ही जरूरी है. इसलिए पहले तो देसी तरीकों को आजमाएं. यदि इससे बात नहीं बनती तो फिर पशु चिकित्सक की सलाह जरूर लें. इससे आपके पशु की हीट में न आने की समस्या जल्दी सही हो सकती है.











Leave a comment