नई दिल्ली. पशुपालन को सही प्लानिंग और सटीक जानकारी के साथ करना चाहिए. यदि आप छोटी भी लापरवाही करते हैं तो फिर इससे बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. क्योंकि गलती से पशुओं की सेहत खराब हो सकती है. इतना ही नहीं दूध उत्पादन में भी कमी हो सकती है. इससे भी नुकसान होना तय है. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुपालकों की छोटी-छोटी गलतियों से पशुपालन के काम में बड़ा आर्थिक नुकसान पशुपालक को होता है. इसलिए पशुपालन को बेहद ही सावधानी से करें.
यदि आप ये जानना चाहते हैं कि वो कौन सी गलतियां, जिनकी वजह से पशुपालन का काम प्रभावित होता है, यहां लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज उसी के बारे में बात करने जा रहे हैं.
ये 10 गलतियां जो पशु की जान जोखिम में डाल सकती हैं
- बिना पशु चिकित्सक की सलाह के दवा या एंटीबायोटिक पशु को कभी न दें. गलत दवा से फायदा नहीं, बल्कि नुकसान होता है.
- गंभीर बीमारी में इलाज शुरू करने में देरी करना. समय पर इलाज न मिलने से बीमारी बढ़ जाती है और जान को खतरा हो सकता है.
- बीमार पशु को कई घंटों तक पानी और चारा न देना. इससे कमजोरी, डिहाइड्रेशन और रिकवरी में देरी होती है.
- अफारा (Bloat) होने पर घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करना. जान लें कि अफारा जानलेवा हो सकता है, तुरंत सही इलाज जरूरी है.
- मुश्किल प्रसव में देर करना भी परेशानी पैदा करता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि देर करने से मां और बच्चों दोनों की जान को खतरा हो सकता है.
- बुखार होने पऱ शरीर का तापमान न मापना और अंदाजे से इलाज करना भी नुकसानदायक है. क्योंकि गलत इलाज से बीमारी बढ़ सकती है और जटिलताएं हो सकती हैं.
- दस्त या तेज गर्मी में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी को नजर अंदाज करना, भारी भूल है. डिहाइड्रेशन से पशु की हालत बिगड़ सकती है और जान जा सकती है.
- बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग (आइसोलेट) न रखना. बीमारी फैलने का खतरा बढ़ता है और झुंड के अन्य पशु भी बीमार हो सकते हैं.
- दूध निकालना अचानक बंद कर देना, विशेषकर थनैला (Mastitis) के दौरान. इससे थन में सूजन, दर्द और गंभीर इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.
- गंभीर लक्षण दिखने के बाद भी पशु चिकित्सक को समय पर न बुलाना. समय पर विशेष मदद लेना बहुत ही जरूरी है. नहीं तो फिर पशुओं की परेशानी बढ़ जाएगी.











Leave a comment