Home मछली पालन Fish Farming: मछली पालन में मिलेगा फायदा और इस तरह से भी होगी कमाई, जानें तरीका
मछली पालन

Fish Farming: मछली पालन में मिलेगा फायदा और इस तरह से भी होगी कमाई, जानें तरीका

मछली तुरंत खराब हो जाती है, उनके पास मछली बेचने के लिए बाजार में बैठने का कोई खास स्थान नहीं होता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. वैसे तो मछली पालन एक अच्छा काम है. क्योंकि इससे सालाना 5 से 6 लाख रुपए आसानी के साथ कमाया जा सकता है. वहीं इससे जुड़े कुछ काम को करके भी आप अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं. जैसे आप मछलियों का फीड तैयार करके भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. अगर आपके पास डेढ़ से दो लाख रुपए की पूंजी है तो आप फिश फीड मेकिंग यूनिट लगा सकते हैं. ये फिश फीड मेकिंग यूनिट बहुत बड़ी लेवल की नहीं होगी लेकिन फिर भी आपको इससे अच्छी कमाई करने का मौका मिलेगा. क्योंकि बाजार में मिलने वाले फीड बहुत महंगे होते हैं. जबकि आप इसे घर पर बनाएंगे तो आपको फीड सस्ता पड़ेगा.

इस वजह से आप अगर मछली पालक हैं तो खुद फीड मेकिंग मशीन लगाकर अपनी मछलियों को फीड खिला सकते हैं. इससे फिश फीड की लागत कम हो जाएगी. या फिर इसे बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं.

क्या फायदा होगा इससे आपको
एक्सपर्ट की मानें तो बाजार में मिलने वाले फीड महंगे भी होते हैं और उनकी क्वालिटी हमेशा इतनी अच्छी नहीं होती है. ऐसे में आप अगर खुद घर पर या ​जमीन पर फिश फीड तैयार करने लगे, जिसमें सरसों की खली, चावल की भूसी, मक्का पाउडर, सोया डीओसी, मिनरल्स आदि का संतुलन हो तो आप अपने खर्च को काफी हद तक कम कर सकते हैं. जबकि कमाई भी कर सकते हें. ऐसे बहुत से मछली पालक हैं जो महंगा फीड नहीं खरीद पाते हैं. आप उन्हें सस्ते दाम पर फीड बेच सकते हैं. जिससे आपको अच्छी कमाई का मौका मिल जाएगा. अगर आप महीने में 10 से 15 क्विंटल चारा बना लेते हैं तो इसकी बिक्री से आप हजारों रुपए कमा सकते हैं. साथ ही आपकी पहचान एक फीड सप्लायर के रूप में भी बनने लगेगी. जिससे आगे चलकर आप खुद का ब्रांड बना सकते हैं.

मछली पालन के लिए भी है फायदेमंद
फिश एक्सपर्ट कहते हैं कि बहुत से मछली पालकों ने मिनी फिश फीड मशीन अपने तालाब के किनारे लगा रखी है. जहां से वो मछलियों के लिए बेहतरीन क्वालिटी का फीड बनाकर उन्हें खिलाते हैं. एक तो इससे उनकी मछलियों को अच्छी क्वालिटी का फीड मिलता है तो वहीं इससे उन्हें दूसरे फायदे भी होते हैं. उनकी फिश फीड की कास्ट कम हो जाती है. क्योंकि जब वह बाजार से फिश फीड खरीदते हैं तो बेचने वाला व्यक्ति अपना मुनाफा भी उसमें शामिल करता है. जबकि खुद से बनाकर फिश फीड अगर मछलियों को खिलाते हैं तो बाजार में देने वाला मुनाफा बच जाता है और इससे मछली पालन के काम में उन्हें अच्छा फायदा मिलता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fisheries: मछली पालन में छोटी सी गलती पूरे कल्चर कर देती है खराब

नई दिल्ली. फिश एक्सपर्ट का मानना है कि मछली पालन एक ऐसा...

मछली के तालाब में चूना पोषक तत्व होता है, ये कैल्शियम उपलब्ध कराने के साथ जल की अम्लीयता को कंट्रोल करता है.
मछली पालन

Fish Farming: मछली के बच्चों की ग्रोथ के लिए पहले दिन पौष्टिक फीड खिलाना है जरूरी

नई दिल्ली. मछली पालन में भी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना पड़ता...

Further, necessary provisions are made by the State Government in their respective Marine Fishing Regulation Acts Rules (Amendments) for the installation of Turtle Excluder Devices (TED) for the protection of sea turtles.
मछली पालन

Fisheries: 39 हजार करोड़ खर्च करके फिशरीज सेक्टर को सरकार ने बनाया मजबूत

नई दिल्ली. भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है....