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Fish Farming: मछली पालन के लिए ​सरकार ने शुरू की बेहतरीन योजना, मिलेगा कई फायदा

मछली में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो पूरे मछली के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
तालाब में पाली गई मछली की तस्वीर.

नई दिल्ली. बिहार में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार मत्स्य प्रजाति की विविधिकरण की योजना चला रही है. जिससे स्थानीय मत्स्य प्रजाति का संरक्षण भी होगा. अगर आप मछली पालन करना चाहते हैं तो वित्तीय वर्ष 2026-27 में “देशी मछली पालन का आपको सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है. योजना के लिए आवेदन मांगे गए हैं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के जलसंपदाओं में मौजूद देशी प्रजाति के संभाव्य (potential) “माइनर कार्प” एवं “कैट फिश” की विकसित हैचरी तकनीकी से उत्पादित बीज से पालन (culture) आधार को बढ़ावा देना है.

योजना के जरिए मात्स्यिकी की प्रजाति आधार को देशी मूल के माइनर कार्प, कैट फिश, वायु श्वासी मछली, झींगा पालन तथा मोती “पालन” के साथ समावेशन कर बढ़ाना है. जिससे इनका संरक्षण एवं संवर्द्धन के साथ-साथ मछली उत्पादकता तथा किसानों के वार्षिक आय में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके.

60 फीसद तक मिलेगी सब्सिडी
योजना के तहत सभी वर्गों के लोगों और सभी अवयवों के लिए निर्धारित इकाई लागत का 60 प्रतिशत सब्सिडी सरकार की तरफ से दी जाएगी. शेष राशि लाभार्थी द्वारा खुद अथवा बैंक लोन से वहन किया जाएगा.

वर्ष 2026-27 में “मत्स्य प्रजाति का विविधिकरण योजना” राज्य के सभी जिलों में चलाई जा रही है.

योजना के तहत निजी क्षेत्र में “पालन मात्स्यिकी अवयव निजी, सरकारी तालाब (पट्टेधारी के द्वारा) में चलाया जा सकेगा.

मत्स्य प्रजाति विविधिकरण योजना के तहत फायदा पाने के लिए मछली किसानों को ऑनलाइन आवेदन ही करना होगा.

आवेदन के लिए आवेदक के द्वारा पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ खुद से प्रमाणित, आधार कार्ड आदि को देने होगा.

साथ ही इकाई लागत से अधिक व्यय होने पर अंशदान (स्वयं अथवा बैंक ऋण द्वारा) का सहमति-पत्र जमीन संबंधी कागज़ात आदि आवेदन के साथ संलग्न किया जाएगा.

योजना के तहत एक व्यक्ति/परिवार को “पालन मात्स्यिकी” में से किसी एक के खर्च पर ही सब्सिडी दी जाएगी.

साथ ही “पालन मात्स्यिकी” में एक व्यक्ति/परिवार को किसी भी एक अवयव अधिकतम 01 एकड़ (02) इकाई) तथा न्यूनतम 0.25 एकड़ जलक्षेत्र की मंजूरी होगी.

योजना के तहत पालन मात्स्यिकी के लिए निजी/लिज (एकरारनामा 11 माह) / बैच पट्टा (सरकारी बंदोबस्त तालाब में) पर तालाब इकाई का होना आवश्यक है.

आवेदन की प्रक्रिया
योजना के तहत आवेदन https://fisheries.bihar.gov.in/ पर ऑनलाइन प्राप्त किए जायेंगे.

आवेदन करने की अंतिम तिथि 31.08.2026 तक है. इस योजना की विस्तृत जानकारी राज्यादेश सं०-1971, दिनांक-27.04.2026 से प्राप्त की जा सकती है जो विभागीय वेबसाईट https://state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html पर प्रदर्शित है.

निष्कर्ष
यदि आप मछली पालक हैं तो इस योजना का फायदा जरूर उठाइए. योजना के जरिए मछली पालन शुरू करके अच्छी कमाई हो सकती है.

Written by
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