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Dairy Animal: गिर, साहीवाल, थारपारकर, जर्सी और मुर्रा का सेक्स सॉर्टेड सीमेन दे रही है सरकार

छोटे जुगाली करने वाले पशुओं में, मादा जुड़वां या तीन बच्चों को पालने में असमर्थ हो सकती है और एक या अधिक बच्चे गर्भ में ही खत्म होने का खतरा हो सकता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. भारत में हर साल दूध उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. साल 2024 के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो भारत में 24 करोड़ टन से ज्यादा दूध उत्पादन किया गया है. जबकि सरकार की भी यही कोशिश है कि देश में दूध का उत्पादन बढ़ाया जाए और दुनिया भर में दूध उत्पादन के मामले में भारत की स्थिति और ज्यादा मजबूत किया जा सके. गौरतलब है कि भारत पहले ही दुनिया में सबसे ज्यादा दूध का उत्पादन करने वाला देश है. अमेरिका जैसे देश भी भारत के आसपास नहीं हैं. हालांकि भारत में प्रति पशु दूध उत्पादन की क्षमता कम है. जिसको बढ़ाने के लिए सरकारें काम कर रही हैं.

दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ही खास तौर पर पशुओं में सेक्स सॉर्टेड सीमेन का इस्तेमाल किया जाता है. सेक्स सॉर्टेड सीमेन का फायदा यह होता है कि इससे मादा बछिया को पैदा कराया जाता है. 90 परसेंट मामलों में इसमें मादा बछिया ही पैदा होती है. जिससे डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने में मदद मिलती है. क्योंकि जब बछिया की संख्या ज्यादा होगी तो दूध का उत्पादन ज्यादा होगा और डेयरी उद्योग को भी इसे बल मिलता है. वहीं अगर अगर बछिया पैदा होती तो इसे बेचकर भी किसानों को अच्छी खासी आमदनी होती है.

पशुपालकों को मिलता है फायदा
यही वजह है कि सरकार भी सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान करने के लिए पशुपालकों को जागरूक करने का काम कर रही है. ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके. इसके लिए सरकार की तरफ से समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है और किसानों को जागरूक किया जाता है कि वह अपने पशुओं में सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान करें. ताकि उन्हें बछिया हासिल हो सके और उनका फायदा हो सके. अगर किसान ऐसा करते हैं तो उनके डेयरी फार्म में दूध देने वाले पशुओं की संख्या बढ़ जाती है. जिसका फायदा उन्हें आगे चलकर मिलता है.

सरकार उपलब्ध करा रही है सीमेन
मध्य प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से कहा गया है कि दुधारू पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराकर 90 फीसद तक बछिया पा सकते हैं. विभाग ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि सभी श्रेणी की दुधारू पशु गाय और भैंस में सेक्स सॉर्टेड सीमेन के द्वारा कृत्रिम गर्भाधान उनकी सरकार द्वारा किया जा रहा है. कृत्रिम गर्भाधान से 90 फीसदी तक दूध उत्पादक गुणवत्ता वाली बछिया को हासिल किया जा सकता है. गिर, साहीवाल, थारपारकर, जर्सी, विदेशी नस्ल तथा मुर्रा नस्ल के सीमन उनके पास उपलब्ध हैं. विभाग ने बताया कि जिन भी पशुपालकों को सेक्स सॉर्टेड सीमेन इन पशुओं के लिए चाहिए, वह अपने निकटतम उपसंचालक पशु चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं.

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