Home पशुपालन Animal News: पशुओं में क्या है बांझपन, यहां पढ़ें इसकी पांच वजह
पशुपालन

Animal News: पशुओं में क्या है बांझपन, यहां पढ़ें इसकी पांच वजह

Pushkar Mela 2024
पुष्कर मेले में अनमोल नाम का ये भैंसा बना है आकर्षण का केंद्र.

नई दिल्ली. पशुओं में बांझपन का नाम सुनकर ही पशुपालकों के दिमाग में एक डर सा पैदा हो जाता है. बांझपन से मतलब है कि हमारे दुधारू पशु को एक वर्ष में एक बच्चा देना चाहिए या यूं कहें कि पशु को एक साल के अंदर ब्याह जाना चाहिए और ये तभी संभव है जब पशु बच्चा देने के 45-75 दिन के बीच गर्भित हो जाए और गर्भ रुक जाए. यदि इस समय या अवधि में पशु गर्मी में नहीं आता है तो हमें मान लेना चाहिए कि हमारा दुधारू पशु (गाय व भैंस) बांझपन की तरफ बढ़ रहा हैं.

कभी-कभी तो पशु गर्मी में तो हर 21 दिन बाद आता है लेकिन गर्भ नहीं ठहरता है. ये भी बांझपन का एक लक्षण है. दुधारू पशुओं में बांझपन के अनेक कारण हैं. आइए इस बारे में यहां डिटेल से जानते हैं.

पांचों कारण के बारे में पढ़ें यहां

  1. पहला मुख्य कारण है कि दुधारू पशुओं को जरूरी पोषक तत्वों की आपूर्ति न हो पाना. क्योंकि दुधारू पशु के दूध में सभी जरूरी पोषक तत्व (वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, केल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन आदि) मौजूद रहते हैं. यदि पशु के शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है तो पशुओं में अस्थाई बांझपन जा जाता है.
  2. दूसरा मुख्य कारण है कि पशुओं के पेट में कीड़े हो जाते हैं. कीड़े होने के कारण भी पशुओं में बांझपन आ जाता है. क्योंकि जो पोषक तत्व हम अपने पशुओं को खिलाते हैं वे पोषक तत्व कीड़े चूस लेते हैं और पशुओं को उनकी आपूर्ति नहीं हो पाती हैं.
  3. तीसरा मुख्य कारण है कि दुधारू पशुओं के लिए हरे चारे की उचित व्यवस्था न होना. हरे चारे की कमी के कारण भी पशुओं में बांझपन आ जाता है क्योंकि हरे चारे में सभी आवश्यक पोषक तत्व मौजूद रहते हैं जिससे पशुओं को सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं. हरे चारे आसानी से पच भी जाते हैं. सूखे चारे को पचाने में भी पशु की ऊर्जा अधिक खर्च होती है और इनसे पोषक तत्व भी बहुत कम मात्रा में मिल पाते हैं और कुछ सूखे चारे जैसे धान की पुआल दुधारू पशुओं को खिलाने से फायदे की जगह नुकसान ज्यादा होता है. इससे दूध उत्पादन में कमी व कभी-कभी पशु की पूंछ सूख जाती है. जिससे पशु पालक को आर्थिक हानि उठानी पड़ती है.
  4. चौथा मुख्य कारण है कि पशु के ओवरी में सिस्ट बन जाते हैं. सिस्ट बनने के कारण पशु गर्मी में तो तय समय पर आता है लेकिन गर्भ नहीं ठहरता है. इस कारण दुधारू पशु बांझपन का शिकार हो जाता है.
  5. पांचवा मुख्य कारण है कि पशुओं का उचित व्यायाम न हो पाना. आमतौर देखने में आया है कि कभी-कभी पशु में कोई भी कमी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है लेकिन फिर भी पशु को गर्भ नहीं ठहरता है.
Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

ब्रुसेलोसिस ब्रुसेला बैक्टीरिया के कारण होता है जो मुख्य रूप से पशुधन (जैसे गाय, भेड़, बकरी) में पाए जाते हैं.
पशुपालन

Cow: गाय अचानक बैठ जाए तो ये है मेडिकल इमरजेंसी का है संकेत

नई दिल्ली. पशुपालन में एक नहीं कई दिक्कतें आती हैं. बस जरूरत...

दो महीने का टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिससे रोग के प्रसार को समय रहते रोका जा सके.
पशुपालन

Lumpy Skin Disease: पशु से लंपी बीमारी को दूर कर देंगी ये जड़ी-बूटियां, कुछ दिनों में मिलेगा आराम

नई दिल्ली. एलएसडी यानि लंपी स्किन डिजीज (Lumply Skin Disease) एक विषाणु...

cow and buffalo farming
पशुपालन

Animal Husbandry: लंपी स्किन डिजीज में गाय-भैंस का खुद न करें उपचार, पशु चिकित्सक से लें सलाह

नई दिल्ली. लंपी स्किन डिजीज गाय-भैंस के लिए बड़ा खतरा है. वहीं...

CIRB will double the meat production in buffaloes, know what is the research on which work is going on. livestockanimalnews animal Husbandry
पशुपालन

Animal News: पशुपालन में फेल नहीं होना चाहते हैं तो पहले सीख लें बारीकियां

नई दिल्ली. पशुपालन का काम अच्छा है और इससे किसानों की इनकम...