Home पशुपालन Animal News: पशुपालन में फेल नहीं होना चाहते हैं तो पहले सीख लें बारीकियां
पशुपालन

Animal News: पशुपालन में फेल नहीं होना चाहते हैं तो पहले सीख लें बारीकियां

CIRB will double the meat production in buffaloes, know what is the research on which work is going on. livestockanimalnews animal Husbandry
बाड़े में बंधी भैंस. livestockanimalnews

नई दिल्ली. पशुपालन का काम अच्छा है और इससे किसानों की इनकम भी बढ़ सकती है. इस काम को बड़े पैमाने पर करने से न सिर्फ किसान अच्छी कमाई कर सकता है बल्कि दूसरों को रोजगार भी मुहैया करा सकता है. सरकार भी पशुपालन को बढ़ावा देने का काम का रही है. ताकि इससे किसानों को फायदा हो. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुपालन का काम अच्छा है लेकिन आसान नहीं है. क्योंकि इस काम में बीमारियां से बचाव और बेहतर उत्पादन आसान नहीं है. जबकि बीमारी आने और अच्छा उत्पादन न मिलने से इस काम में नुकसान होता है.

हालांकि किसी भी काम को करने से पहले यदि उसकी पूरी जानकारी कर ली जाए तो फिर नुकसान का खतरा कम हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि पशुपालक भाई भी पशुपालन करने से पहले इसकी ट्रेनिंग ले लें. इससे उन्हें पशुपालन में आने वाली चुनौतियों का सामना करना में सहूलत मिलेगी और इससे वो पशुपालन के काम में फेल भी नहीं होंगे. पशुपालकों के लिए खुशखबरी भी है. असल में पशु रोग जांच प्रयोगशाला, रेवाड़ी रोड, नारनौल में सितंबर माह में डेयरी पशुपालन पर सात दिवसीय व्यवसायिक प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है.

क्या सीखने को मिलेगा
इस प्रशिक्षण में पशुपालकों को वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तरीके से डेयरी पशुपालन के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाएगी.

बता दें कि यहां दी जाने वाली जानकारी हर एक पशुपालक के लिए अहम है. अगर यहां दी जाने वाली जानकारी को हासिल करते हैं तो इसका फायदा जरूर मिलेगा.

यहां वैज्ञानिक पशु आहार एवं पोषण प्रबंधन सिखाया जाएगा.

अधिक दूध देने वाले पशुओं का विशेष आहार प्रबंधन सीखने को मिलेगा.

पशुओं की प्रमुख बीमारियाँ एवं उनसे बचाव का तरीका जान सकेंगे.

टीकाकरण द्वारा रोगों की रोकथाम की भी जानकारी दी जाएगी.

बाहरी और अंदर के कीड़ों से बचाव की जानकारी मिलेगी.

वैज्ञानिक पशु आवास एवं स्वच्छता प्रबंधन सीख पाएंगे.

पशु आहार में खनिज मिश्रण के महत्व की जानकारी भी मिलेगी.

सालभर हरे चारे की उपलब्धता एवं प्रबंधन की जानकारी हासिल कर सकते हैं.

थनैला (Mastitis) रोग से बचाव का तरीका जान पाएंगे.

दूध एवं दूध उत्पादों से अतिरिक्त आमदनी के अवसर की जानकारी दी जाएगी.

डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के व्यावहारिक उपाय भी बताए जााएंगे.

जो पशुपालक यह प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं, वे नीचे दिए गए लिंक पर जाकर पंजीकरण फॉर्म भरें. https://forms.gle/C94nY4ys4VtvXWhG9

निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि वैज्ञानिक पशुपालन अपनाएं. पशुओं का स्वास्थ्य सुधारें और दूध उत्पादन बढ़ाएं तभी फायदा होगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशुपालन

Pashu Mela: पशु मेले में मीट और अंडे के तैयाार उत्पाद दिखाए गए, पशुपालकों को एआई के फायदे बताए

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना द्वारा...

पशुपालन

Pashu Mela: पशु मेले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रगतिशील पशुपालकों को किया सम्मानित

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने...

कीड़े बकरे के पेट में हो जाएं तो उसकी ग्रोथ रुकना तय है.
पशुपालन

Goat: गोट फॉर्म में ऊंचे एलिवेटेड शेड नहीं हैं तो लगाएं लकड़ी के तख्त

नई दिल्ली. बकरी पालन (Goat Farming) में बकरियों को बीमारियों से बचाने...