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Backyard Poultry Farming: रात में बल्ब की रोशनी से भी मिलती है मुर्गियों को खुराक, जानें कैसे

बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग की ट्रेनिंग लेने वाले किसान.

नई दिल्ली. मुर्गी पालन से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं. खासतौर पर बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग को बेहद ही आसानी के साथ और कम लागत में करके अच्छी कमाई की जा सकती है. अगर आप भी किसान हैं तो अपने घर के पीछे पोल्ट्री फार्मिंग शुरू कर सकते हैं. वहीं किसानों की आमदनी बढ़ाने के मकसद से केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान सीएआरआई में किसानों को बैकयार्ड मुर्गी पालन की ट्रेनिंग दी गई. एक्सपर्ट ने किसानों को हर उस बात के बारे में बताया है, जिससे पोल्ट्री फार्मिंग करने में उन्हें फायदा ​ज्यादा मिले.

असल में किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से विभिन्न गांव से आए हुए किसानों को केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान में डीएपीएससी एवं फॉर्मर फर्स्ट प्रोग्राम पोल्ट्री माड्यूल परियोजना के तहत बैकयार्ड मुर्गी पालन की ट्रेनिंग दी गई.

फीड और दूसरे जरूरी सामान दिए गए.

अंडों की क्वालिटी भी होगी बेहतर
इस दौरान डॉ. मतीन अंसारी ने बताया कि उन्नत देसी नस्ल की मुर्गियां साल में लगभग 200 अंडा देती हैं और किसान घर के पीछे खाली स्थान पर आसानी से इसे पाल सकते हैं. उनके शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बहुत होती है और इनको पालने में खर्च भी बहुत कम आता है. इन मुर्गियों को हरी पत्तियां और सहजन के पत्ते भी खिला सकते हैं. जहां मुर्गियों को रात में रखा जाता है उन्होंने वहां पर बल्ब लगाने पर जोर दिया. बताया कि बल्ब लगाने की वजह से वहां कीड़े आएंगे. जिसे मुर्गियां बड़े शौक से खाती हैं. इससे मुर्गियों के दाने का खर्च बचेगा अंडे की गुणवत्ता और आमदनी बढ़ेगी.

बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग से मिलेगा बेहतर रिजल्ट
डॉ. एके पांडे ने फॉर्मर फर्स्ट प्रोग्राम के बारे में बताया की फार्मर फर्स्ट यानी किसान पहले कार्यक्रम किसानो को खेती और उससे जुड़े व्यवसायों को वैज्ञानिक विधि से करने के लिए प्रेरित करता है‌. इस दौरान उन्होंने धान के बीज को उपचारित करने की विधि को बताया. परियोजना प्रभारी डॉ जगबीर सिंह त्यागी ने बैकयार्ड मुर्गी पालन करने के लिए सभी को प्रेरित किया एवं एवं अच्छे नतीजे देने पर आगे भी संस्थान से किसानों को मदद देने का आश्वासन दिया.

किसानों वितरित किया गया नाइट शेल्टर.

मुर्गियों को पिलाना चाहिए ठंडा पानी
संस्थान के डायरेक्टर डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया की बैकयार्ड मुर्गी पालन सबसे सस्ता कारोबार है एवं अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स होता है. अंडे से हमें जरूरी विटामिन एवं मिनरल्स मिल जाते हैं जो कि आसानी से शरीर में पच जाते हैं. डॉ दिव्या शर्मा ने बताया कि गर्मियों के मौसम में मुर्गियों को स्वच्छ और ठंडा पानी पिलाना चाहिए. जिससे कि मुर्गियां गर्मियों के दुष्प्रभाव से बच सके. चयनित किसानों को 20 उन्नत देसी नस्ल की मुर्गे एवं मुर्गियां, 20 किलो दाना, 30 नाइट शेल्टर, 65 दाना पानी के बर्तन एवं 65 ड्रम वितरित किए गए. कार्यक्रम में तकनीकी अधिकारी जयदीप अरोड़ा एवं अन्य मौजूद रहे.

Written by
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