Home डेयरी Milk Production: बारिश में इन वजहों से कम हो जाता है पशु का दूध उत्पादन, बढ़ाने का तरीका भी पढ़ें
डेयरी

Milk Production: बारिश में इन वजहों से कम हो जाता है पशु का दूध उत्पादन, बढ़ाने का तरीका भी पढ़ें

सामान्य तौर पर गाय ढाई से 3 वर्ष में और भैंस तीन से चार वर्ष की आयु में प्रजनन योग्य हो जाती हैं. प्रजनन काल में पशु 21 दिनों के अंतराल के बाद गाभिन करा देना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में पशुओं का ज्यादा से ज्यादा दूध उत्पादन करना बेहद ही जरूरी होता है. अगर पशु दूध का उत्पादन कम करने लगें तो इससे डेयरी फार्मिंग के काम में नुकसान होने लगेगा. आपको बता दें ​कि बरसात के मौसम में भी पशुओं का दूध उत्पादन कम हो सकता है. इसका मुख्य कारण मौसम में बदलाव होता है. क्योंकि पशु अभी-अभी बेहद ही गर्मी से गुजरा हुआ है और फिर बारिश होने की वजह से थोड़ा मौसम ठंडा हो जाता है. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि इससे पशु तनाव में आ जाता है. बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. नतीजे में दूध उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. इसके चलते पशुपालक भाइयों को नुकसान होने लगता है.

एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि बारिश के दिनों में बारिश के पानी से होने वाली गंदगी और जल भराव भी पशुओं को परेशान कर सकते हैं. जिससे भी दूध उत्पादन में कमी देखी जा सकती है. पशुओं के शरीर का तापमान प्रभावित होने का मतलब यह है कि उनमें हार्मोनल संतुलन में बदलाव आ सकता है और दूध उत्पादन में कमी देखी जा सकती है.

खुले में न बांधे पशु
दरअसल, अक्सर डेयरी फार्म में बारिश के कारण पशुओं की रहने की जगह गंदी हो जाती है और वहां पर जलभराव हो जाता है. इससे मक्खियों और मच्छरों का कोई पड़ जाता है, जो पशु परेशान करते हैं और तनाव का कारण बनते हैं. जिससे पशुओं के बीमार होने का खतरा बेहद ही ज्यादा बढ़ जाता है. इतना ही नहीं बारिश के मौसम में पशुओं को कई और तरह की दिक्कतें होती हैं. जिससे उन्हें पर्याप्त पोषण भी नहीं मिल पाता. कम पोषण की वजह से भी दूध उत्पादन में कमी देखी जाती है. वहीं बारिश के मौसम में खुले में बंधे पशुओं का दूध उत्पादन कम होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है.

दूध उत्पादन बढ़ाने का तरीका, जानें यहां
अगर आपका भी पशु बारिश के मौसम में दूध उत्पादन करने लगे तो उसे बढ़ाया जा सकता है. इसके लिए पशुओं को साफ सूखा स्थान दें. नियमित रूप से पशु के थनों की सफाई करते रहें. संतुलित आहार देने की कोशिश करें. जिससे आपको फायदा होगा और पशु का दूध उत्पादन बढ़ जाएगा. इतना ही नहीं खनिज और विटामिनों को भी बारिश के मौसम में दें. इससे भी बीमारियों पर कंट्रोल किया जा सकता है और दूध उत्पादन ज्यादा लिया जा सकता है. बीमारियों से बचाव के लिए वैक्सीनेशन जरूर करवाएं. मच्छर और मक्खियों से बचाव करने का उपाय करें. तनाव से बचने के लिए शांत वातावरण देना चाहिए.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरी

Milk Fat: दुधारू पशुओं में दूध और फैट की मात्रा बढ़ाना है बेहद आसान

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में कमाई दूध से ज्यादा होती...

पशुओं को खनिज मिश्रण (मिनेरल पाउडर) खिलाना चाहिए.
डेयरी

Dairy: थन में दूध भरा है, फिर भी बाहर नहीं आ रहा तो ये एक बीमारी है

नई दिल्ली. यदि आपका पशु स्वस्थ है तो इसका मतलब है कि...

डॉक्टर मोहन यादव की सरकार अब दूध इकट्ठा करने की क्षमता को बढ़ा रही है. संगठित क्षेत्र में दूध संकलन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा.
डेयरी

El Nino के असर से घट सकता है पशुओं का दूध उत्पादन

नई ​दिल्ली. हाल ही में वित्त मंत्रालय की ताजा मासिक आर्थिक समीक्षा...