Home मछली पालन Fisheries: केज में मछली पालन से जुड़ी तीन अहम जानकारियां पढ़ें यहां
मछली पालन

Fisheries: केज में मछली पालन से जुड़ी तीन अहम जानकारियां पढ़ें यहां

fish farming in tank
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मछली पालन का परंपरागत तरीका तालाब में मछली पालन करना है. ज्यादातर मछली पालक तालाब में मछली पालन करते हैं लेकिन बदलते वक्त के साथ केज में मछली पालन का क्रेज बढ़ा है. इसलिए इसके बारे में जानना भी बेहद ही जरूरी है कि इसका प्रबंधन कैसे किया जाए. केज में कौन सही प्रजातियों की मछलियां पाली जा सकती हैं और इस तरह की फार्मिंग कितने फेज में की जा सकती है, बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Department of Animal and Fisheries Resources) ने इसके बारे में अहम जानकारी साझा की है.

अगर आप भी केज सिस्टम से मछली पालन करना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए है. क्योंकि लाइव स्टक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) आपको तमाम अहम जानकारियां यहां बता रहा है.

केज मछली पालन का मैनेजमेंट
केज में जल की गुणवत्ता की जांच बराबर करते रहना चाहिए. खासतौर पर पानी में घुलित आक्सीजन, पीएच, अमोनिया इत्यादि की जांच करना जरूरी है.

हर 15 दिन में एक बार ब्रश से जाल को साफ करना चाहिए ताकि इसमें काई इत्यादि का जमाव न हो. अगर कोई मरी हुई मछली हो तो उसे हटा दिया जाना चाहिए.

जाल के धागे एवं मेस की जांच बीच-बीच में करनी चाहिए. अगर कोई मेस लूज हो या कट गया हो तो उसकी मरम्मत कर लेना चाहिए.

मछलियों के स्वास्थ्य का निरीक्षण लगातार करना चाहिए. अगर कहीं संक्रमण, घाव इत्यादि दिखे तो उसका तुरंत उपचार करना चाहिए.

नियमित रूप से मछलियों की वृद्धि की जांच कर पूरक आहार की मांग को संतुलित करनी चाहिए.

केज पालन के लिए कौन सही मछलियां सही हैं
केज के लिए उन मछलियों को चुने जिनकी ग्रोथ दर तेज हो. बाजार में अधिक मांग हो.

ऐसी मछलियां पालें जो पूरक आहार को आसानी से खाती हों, तभी फायदा होगा.

उन मछलियों को पालें जिनकी रोग निरोधक क्षमता अच्छी हो, ताकि वो बीमार न पड़ें

वो मछलियां पालना सही है जो ज्यादा घनत्व में रहने में सक्षम हों.

केज मत्स्य पालन के फेज क्या हैं
केज स्थापित किये जाने योग्य स्थान का चुनाव.

केज के प्रकार (संरचना) का चयन.

केज निर्माण सामग्री की व्यवस्था.

केज की स्थापना.

संचयन की जाने वाली मत्स्य प्रजातियों का चुनाव.

मत्स्य बीजों का संचयन, पूरक आहार.

केज कल्चर का प्रबन्धन.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

shrimp farming problems
मछली पालन

Fisheries: टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से भीमावरम फिशरीज क्लस्टर होगा मजबूत

नई दिल्ली. नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बिजय...

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
मछली पालन

Fisheries: आंध्र प्रदेश ने 64 लाख टन मछली उत्पादन कर टारगेट किया पूरा

नई दिल्ली. भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के...

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन

PMMSY के तहत हरियाणा में फिशरीज सेक्टर हुआ मजबूत

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) एक ऐसी योजना है, जिसके...