नई दिल्ली. ये पक्की बात है कि मुर्गी पालन करके अच्छी कमाई की जा सकती है और यह काम इतना अच्छा है कि इसे छोटे स्तर से शुरू करके बड़े स्तर तक भी ले जाया जा सकता है. घर की महिलाएं भी इस काम को कर सकती हैं. देसी मुर्गी पालकर भी कमाई की जाती है और ब्रॉयलर मुर्गों को भी पालकर अच्छी इनकम हासिल की जा सकती है. हालांकि आप मुर्गी पालन करना चाहते हैं या कर रहे हैं तो आपको मार्केटिंग की जानकारी होना भी जरूरी है. क्योंकि मार्केटिंग और बिक्री का तरीका नहीं मालूम होगा तो फिर आपको अच्छा मुनाफा नहीं मिलेगा.
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट का कहना है कि सिर्फ मुर्गी पालन ही करना काफी नहीं है. मार्केटिंग का तरीका भी आना चाहिए. तभी आपको मुर्गियों के प्रोडक्शन से अच्छा मुनाफा मिलेगा. क्योंकि मुर्गियों को तैयार कर लेते हैं और उसको बेच नहीं पाते हैं तो इससे फायदा नहीं मिलेगा. क्योंकि जितने ज्यादा दिन फॉर्म पर मुर्गियां रहेंगी, उतनी लागत बढ़ती चली जाएगी.
ऐसा करें मार्केटिंग
एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गी पालकों को ये पता होना चाहिए कि कहां उन्हें क्या बेचना है.
यदि आप सिर्फ और सिर्फ मीट के लिए मुर्गियों को बेचना चाहते हैं तो उसकी जानकारी होना जरूरी है.
यदि अंडों को बेचना चाहते हैं तो उसकी भी जानकारी होना जरूरी है कि कहां बेच सकते हैं, तभी मुर्गी पालन के काम में फायदा होगा.
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर मुर्गियों के अंडे या मीट को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा दिया जाए तो मुनाफा ज्यादा मिलता है.
हालांकि ग्राहकों तक अंडे और मीट को सीधे पहुंचाना थोड़ा मुश्किल होता है. इसमें तभी फायदा होगा जब ग्राहक सीधे आपसे आकर अंडे या मीट के लिए मुर्गियों को खरीदें.
हालांकि होटल और रेस्टोरेंट में आप मीट और अंडे दोनों को पहुंच सकते हैं. यहां हो सकता है मुनाफा कम मिले लेकिन बिक्री ज्यादा होगी.
वहीं सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके खुद का मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तैयार कर सकते हैं. जिससे ग्राहक और दुकानदार आपसे सीधे संपर्क करके अंडे या मुर्गियां खरीद लेंगे.
निष्कर्ष
यदि इस तरह से मुर्गी और अंडों को बेचते हैं तो इससे मुनाफा होगा और आपको पोल्ट्री फार्मिंग के काम में अच्छा खासा फायदा मिलेगा.












