नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने भोपाल दूध संघ प्लांट का दौरा किया. इस अवसर पर एनडीडीबी तथा एमपीसीडीएफ के बीच हुए अनुबंध के बाद अप्रैल, 2025 से वर्तमान तक भोपाल दुग्ध संघ की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने टारगेट के अनुसार दूध स्टोरेज और नई दूध समितियों के गठन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और दूध संघ की विभिन्न योजनाओं के द्वारा दूध उत्पादकों को दूध के मूल्य के अलावा अन्य लाभ देने पर भी जोर दिया.
उन्होंने कहा कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और सहकारी ढांचा मजबूत होगा. जिसका फायदा राज्य में सभी को होगा. डॉ. शाह ने दूध संघ द्वारा बिक्री की गतिविधियों के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘दूध का दूध, पानी का पानी अभियान’ पर खुशी का इजहार रते हुए कहा कि इस तरह के नवाचारों से उपभोक्ताओं में सांची ब्राण्ड (Sanchi Dairy) के प्रति विश्वसनीयता बढ़ी है. डॉ. शाह ने दूध संघ मुख्य गेट पर निर्माणाधीन सांची पार्लर का भी निरीक्षण किया.
एनडीडीबी चेयरमैन ने क्या देखा
उन्होने भोपाल डेयरी संयंत्र में चल रहे निर्माणाधीन डेयरी परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों के प्रसंकरण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
इसके अलावा डेयरी संयंत्र के आधारभूत ढांचे में विस्तार के लिए आवश्यक दिशा–निर्देश दिए.
इसके अलावा डेयरी प्लांट परिसर में आइसक्रीम प्लांट की स्थापना के लिए सुझाव भी दिए, जिससे उपभोक्ताओं को आइसक्रीम सुगमता से उपलब्ध हो सके.
वहीं डॉ. मीनेश शाह ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन से मुलाकात कर अप्रैल 2025 से एनडीडीबी द्वारा संचालित MPCDF Sanchi Dairy तथा उससे संबद्ध दुग्ध संघों की प्रमुख गतिविधियों एवं प्रगति से अवगत कराया.
मुख्य सचिव ने राज्य में डेयरी सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और दुग्ध उत्पादक किसानों के कल्याण के लिए एनडीडीबी के प्रयासों की सराहना करते हुए वर्तमान एवं भविष्य की पहलों के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.
निष्कर्ष
असल में मध्य प्रदेश सरकार राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाना चाहती है. इसी के मद्देनजर कई काम किए जा रहे हैं.












