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TMR: पशुओं को क्या खिलाएं, जिससे दूध भी बढ़े और घट जाए मीथेन गैस, जानें यहां

अप्रैल महीने में भैंसे हीट में आती हैं और यह मौसम उनके गर्भाधान के लिए सही है. लेकिन इस बार अप्रैल के महीने में गर्मी अधिक है. ऐसे में गर्भाधान में प्रॉब्लम आ सकती है.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पशुओं को ऐसी चीज खिलानी चाहिए, जिससे उसे ज्यादा फायदा हो और दूध का उत्पादन ज्यादा मिले. केंद्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) का कहना है कि पशुओं को यदि टोटल मिक्सड राशन (TMR) खिलाया जाता है तो इससे न सिर्फ दूध उत्पादन बढ़ता है. बल्कि मीथेन गैस के उत्सर्जन में भी कमी आती है. यानी पशु कम मीथेन गैस छोड़ते हैं. एनडीडीबी की ओर से अपने फेसबुक पेज पर टीएमआर खिलाने की अपील की गई है. बताया गया है कि इसमें क्या-क्या खिलाया जा सकता है, आइए इस बारे में जानते हैं.

पशुपालक ज्यादा से ज्यादा दूध उत्पादन लेने के लिए पशुओं को पोषक तत्वों से भरपूर चारा खिलाते हैं लेकिन जरूरी ये है कि ऐसी चीज खिलाई जाए जिससे दूध उत्पादन भी बढ़े और मीथेन में कमी आए. एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं को सूखा चारा, हरा चारा, अनाज, खनिजों और विटामिनों से भरपूर मिश्रण खिलाना चाहिए, तभी दूध उत्पादन बढ़ता है और डेयरी फार्मिंग के काम में मुनाफा होता है.

किसे होगा फायदा
एनडीडीबी की ओर से बताया गया है कि टीएमआर में सूखा, हारा और दाना सब कुछ एक साथ खिलाया जाता है, जो पोषण से भरपूर होता है. इसका फायदा पशुओं को मिलता है.

टीएमआर से माइक्रोबियल प्रोटीन बढ़ता है और इससे दूध उत्पादन में सुधार होता है. इतना ही नहीं पशु का स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता भी बेहतर होती है.

इसका बड़ा फायदा ये भी है कि टीएमआर की मदद से मीथेन गैस का उत्सर्जन घटाने में मदद मिलती है. जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है.

आपको बता दें कि मीथेन गैस से पर्यावरण को नुकसान होता है. जमीनी स्तर पर ओजोन प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग में इजाफा होता है.

इस वजह से दुनिया भर में बढ़ते पशुपालन के चलन और इसकी जरूरत को देखते हुए मीथेन गैस को कैसे कंट्रोल किया जाए, इस पर भी काम किया जा रहा है.

निष्कर्ष
एनडीडीबी के एक्सपर्ट का कहना है कि यदि टीएमआर पशुओं को खिलाया जाता है तो इससे जहां 10 फीसद दूध उत्पादन में इजाफा होगा और आमदनी 20 फीसद तक बढ़ जाएगी तो वहीं मीथेन गैस में 11 फीसद तक कमी आएगी. जिससे पशु पालन के काम में खुशहाली आएगी.

Written by
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