नई दिल्ली. जरा सोचिए कि सरकार आपसे खुद कहे कि पशुपालन आप करिए इसके लिए जो भी खर्च आएगा वह पैसा हम देंगे तो यह कितना अच्छा है. जी हां यही सच भी है. दरअसल सरकार पशुपालन को बढ़ावा देना चाह रही है. यही वजह है कि कई ऐसी स्कीम चला रही है, जिसका फायदा उठाकर किसान पशुपालन कर सकते हैं. जिससे उनके पास अपना खुद का एक बिजनेस हो जाएगा और खेती के अलावा इनकम का एक और सोर्स भी बन जाएगा. यदि आप भी लोन लेकर काम शुरू करना चाहते हैं तो कर सकते हैं.
आपको बता दें कि लोन पर सरकार 35 फीसद से लेकर 50 फीसद तक सब्सिडी भी देती है और कुछ राज्यों में तो लोन की ईएमआई सब्सिडी के जरिए सरकार ही भर रही है. यदि 50 फीसद भी सब्सिडी मिल जाए तो काम को शुरू किया जा सकता है और कमाई से बाकी का लोन चुकता किया जा सकता है.
किसपर कितना मिलेगा लोन
यदि आप दो गाय या भैंस से ही पशुपालन की शुरुआत करना चाहते हैं तो 1 लाख 20 हजार से 1 लाख 50 हजार रुपए तक लोन ले सकते हैं.
यह लोन नाबार्ड की ओर से दिया जाता है और किसान 10 गाय या भैंस को पालना चाहता है तो आपको 5 से 7 लाख रुपए का लोन मिल जाएगा.
जबकि 20 गाय या भैंस पालकर डेरी फार्मिंग का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपको 10 से 12 लख रुपए का लोन मिल जाएगा.
इतना ही नहीं सरकार पोल्ट्री फार्मिंग, गोट फार्मिंग और शीप फार्मिंग के लिए भी लोन देती है. ये काम भी लोन से शुरू कर सकते हैं.
मान लीजिए अपने 500 मुर्गियों से पोल्ट्री फार्म की शुरुआत की तो सरकार की तरफ से दो लाख रुपए तक लोन मिल सकता है.
जबकि 20 बकरी और एक बकरे के साथ बकरी पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो डेढ़ से दो लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है.
बता दें कि लिए गए लोन पर जनरल कैटेगरी वाले किसानों को 25 से 33 फीसद सब्सिडी मिलती है.
वहीं सरकार इन लोन पर एससी एसटी और महिला किसानों को 33 से 50 फीसद सब्सिडी देती है.
निष्कर्ष
पशुपालन एक ऐसा काम है, जिसमें फायदा बहुत है. खासतौर पर डेयरी फार्मिंग के जरिए दूध बेचकर खूब कमाई कर सकते हैं. वहीं मुर्गी पालन करके अंडों और चिकन को बेचकर कमाई हो सकती है.












