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Fisheries: बढ़ गया समुद्री उत्पादों का निर्यात, अमेरिका टैरिफ के असर को कम करने के लिए ये कर रही सरकार

Under the Prime Minister Matsya Sampada Yojana (PMMSY), the flagship scheme of the Government of India in Andhra Pradesh, a total investment of Rs 2300 crore has been envisaged in the fisheries sector for five years. livestockanimalnews
समुंद्र से मछली पकड़ते मछुआरे. Live stockanimalnews

नई दिल्ली. सरकार भारत समुद्री उत्पादों के निर्यात पर लगातार नजर रखती है और इस क्षेत्र के प्रदर्शन को समर्थन देने व बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठा रही है. वाणिज्य विभाग के तहत महानिदेशालय वाणिज्यिक खुफिया एवं सांख्यिकी (डीजीसीआईएस) के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (अप्रैल–अक्टूबर 2025) के पहले सात महीनों में भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात में अच्छी वृद्धि हुई है. इस अवधि में निर्यात मूल्य 42 हजार 322 करोड़ रहा है. जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 35 हजार 107.6 करोड़ रुपए की तुलना में 21 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं, निर्यात मात्रा भी 12 प्रतिशत बढ़कर 9.62 लाख मीट्रिक टन से 10.73 लाख मीट्रिक टन हो गई है.

हालांकि इस सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का भी असर है. सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क (टैरिफ) उपायों के बदलते प्रभाव का आकलन किया जा सके. साथ ही, भारतीय निर्यात पर इनके असर को कम करने के लिए सरकार एक व्यापक और बहु-आयामी रणनीति पर काम कर रही है.

जानें क्या कर रही है सरकार
इस रणनीति के तहत भारत-अमेरिका के बीच आपसी लाभ वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए अमेरिकी सरकार के साथ लगातार बातचीत की जा रही है.

इसके अलावा, रिज़र्व बैंक की व्यापार-संबंधी व्यवस्थाओं और निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना के माध्यम से त्वरित राहत दी जा रही है.

घरेलू मांग बढ़ाने के लिए अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार किए जा रहे हैं. निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई निर्यात संवर्धन मिशन जैसी पहलें शुरू की गई हैं. जिसके तहत निर्यातकों को लक्षित सहायता दी जाती है.

सरकार नए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) करने के साथ-साथ मौजूदा एफटीए के बेहतर उपयोग पर भी काम कर रही है.

इन लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप, हाल के महीनों में यूरोपीय संघ और रूस को निर्यात के लिए स्वीकृत मत्स्य (मछली) प्रसंस्करण इकाइयों की संख्या में वृद्धि हुई है.

भारत सरकार का मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय (MoFAH&D) मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू कर रहा है.

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत, भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने पिछले पांच वर्षों में देश में मत्स्य पालन और जलीय कृषि के विकास के लिए कुल 21 हजार 274.13 करोड़ की परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है, जिसमें केंद्र सरकार का अंशदान 9 हजार 189.74 करोड़ है.

भारत सरकार की सुविचारित नीतियों और पहलों के नतीजे में भारत का समुद्री खाद्य (सीफूड) निर्यात 2013–14 में 30 हजार 213 करोड़ से बढ़कर 2024–25 में 62 हजार 408 करोड़ से अधिक हो गया है, यानी इसमें दो गुना से भी अधिक वृद्धि हुई है.

Written by
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