Home पोल्ट्री Poultry: बिना खर्च पर पल जाती है माला नस्ल की मुर्गियां, राजदिघेली गीज बत्तख भी कराती है कमाई
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Poultry: बिना खर्च पर पल जाती है माला नस्ल की मुर्गियां, राजदिघेली गीज बत्तख भी कराती है कमाई

राजदिघेली गीज बत्तख और माला मुर्गी.

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग के काम में ज्यादातर लोग मुर्गे-मुर्गियों को पालकर अच्छी कमाई करते हैं. कुछ लोग मीट उत्पादन के लिए ब्रॉयलर मुर्गों को पालते हैं तो कुछ अंडों के उत्पादन के लिए लेयर मुर्गियों को पालते हैं. इसके अलावा पोल्ट्री फार्मिंग के ही दायरे में बत्तख पालन भी आता है. बत्तख को भी अंडों और मीट दोनों के लिए ही पाला जाता है. क्योंकि इन ​दोनों की ही डिमांड कम नही रहती है. वहीं बहुत से फार्मर्स मछली पालन के साथ-साथ बत्तख पालन करते हैं. इस तरह के काम से मछली और बत्तख दोनों तरह के पालन में फायदा बढ़ जाता है.

पशु-पक्षियों की नई नस्ल को मान्यता देने वाली संस्था नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सेज (NBAGR) की ओर से हाल ही में बत्तख और मुर्गे-​मुर्गियों की कई नस्ल को मान्यता दी गई है. यदि आप भी उन नस्लों के बारे में जानना चाहते हैं तो लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) यहां बताएगा. बत्तख में आप राजदिघेली गीज को पालकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. मर्गियों की नस्ल जबकि माला को पालकर भी फायदा कमाया जा सकता है.

राजदिघेली गीज की क्या है खासियत
राजदिघेली को ‘राजनह’ के नाम से भी जाना जाता है. इसे असम के सभी जिलों में पाया जाता है. इसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 3 लाख है.

यह एक भारी हंस है. इसकी स्पष्ट लंबी गर्दन होती है. साथ ही उनके पास मुख्यतः दो पंख होते हैं.

रंग की बात की जाए तो सफेद और दालचीनी जैसा होता है. जबकि काले और मिश्रित रंग के भी मिलते हैं.

उनके पैर नारंगी और पीले होते हैं. इसे मुख्य रूप से मांस, अंडा उत्पादन के लिए लिए पाला जाता है.

वयस्क बत्तख के शरीर का वजन नर में औसतन 3.9 किलोग्राम और मादा में 3.6 किलोग्राम होता है.

ये प्रति वर्ष 19 अंडे का उत्पादन करती है, अंडे का वजन औसतन 116 ग्राम होता है.

माला चिकन के बारे में जाने
यह चिकन झारखंड के रांची और खूंटी जिलों में वितरित किया जाता है. यह काले और सुनहरे मिश्रण और सफेद और काले रंग के मिश्रण वाले आलू बुखारे के रंग के पैटर्न में होते हैं.

इस नस्ल की मुर्गी के अंडे के उत्पादन की बात की जाए तो औसत वार्षिक अंडा उत्पादन 67 तक होता है.

इस नस्ल की अच्छी बात ये है कि ये न्यूनतम संसाधन के तहत भी पल जाती हैं. यानि फीड पर कोई खर्चा नहीं होता है.

बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के लिए बिल्कुल सही नस्ल है. औसत वयस्क के शरीर का वजन नर में 1.9 किलोग्राम और मादा में 1.1 किलोग्राम होता है. अनुमानित आबादी लगभग 1.6 लाख है.

Written by
Livestock Animal News Team

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