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Dairy News: दक्षिण एशिया की पहली जैविक महिला डेयरी सहकारी समिति बनाई गई

बैठक में मौजूद तमाम लोग.

नई दिल्ली. शिलांग में मेघालय सरकार, MEGNOLIA और IFOAM ऑर्गेनिक्स एशिया (IFOAM – ऑर्गेनिक्स इंटरनेशनल) द्वारा आयोजित ‘महिला किसानों और टिकाऊ जैविक खेती पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ में, NDDB के रीजनल हेड (NES) डॉ. सब्यसाची रॉय “महिला किसान, उचित मूल्य श्रृंखला और जैविक बाजसरों तक पहुंच” विषय पर तकनीकी सत्र के दौरान लोगों से रूबरू हुए. इस दौरान उन्होंने सुंदरबन कोऑपरेटिव मिल्क एंड लाइवस्टॉक प्रोड्यूसर्स यूनियन की महिला डेयरी किसानों की यात्रा को प्रस्तुत किया. उन्होंने 2015 में इस सहकारी समिति को पूरी तरह से महिलाओं की डेयरी सहकारी समिति के रूप में पुनर्जीवित करने में NDDB के तकनीकी और संस्थागत सहयोग पर प्रकाश डाला.

इस मॉडल ने सुंदरबन में छोटी और सीमांत महिला किसानों को सशक्त बनाया और आज यह दक्षिण एशिया की पहली जैविक महिला डेयरी सहकारी समिति बन गई है. डेयरी व्यवसाय को जैविक खेती, नवीकरणीय ऊर्जा, जैव विविधता संरक्षण और मूल्य संवर्धन के साथ जोड़कर, सहकारी समिति ने एक सर्कुलर वैल्यू चेन बनाई है जो उत्पादकों को सीधे प्रीमियम जैविक बाज़ारों से जोड़ती है.

उत्पादन में विविधता लाना है मकसद
इस प्रस्तुति में कई बेहतरीन पहलें दिखाई गईं, जैसे ज़ीरो-प्लास्टिक दूध की मार्केटिंग, महिलाओं के बैंक खातों में सीधे भुगतान, महिला ‘जैबो मॉनिटर’, जैविक चारा उत्पादन, बायोगैस, स्लरी-आधारित जैविक उर्वरक और जैविक चावल, दालों, सरसों के तेल और जंगली शहद के उत्पादन में विविधता लाना है.

डॉ. रॉय ने यह भी बताया कि सहकारी समिति को ‘टिकाऊ खेती के तरीकों में नवाचार – सामाजिक-आर्थिक’ श्रेणी में ‘इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन डेयरी इनोवेशन अवार्ड 2024’ से सम्मानित किया गया है.

जिससे यह महिलाओं के नेतृत्व वाली और जलवायु-अनुकूल सहकारी विकास के लिए एक वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित हुई है.

दूसरी ओर NDDB ने हाल ही में SAARC सचिवालय के देशों – भारत, नेपाल और श्रीलंका – के सहकारी सदस्यों के लिए ‘कोऑपरेटिव बिज़नेस मॉडल के जरिए डेयरी विकास पर एक इंटरनेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम’ आयोजित किया.

CICTAB एक इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन है जिसे यूनाइटेड नेशंस (FAO) के फ़ूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइज़ेशन और भारत सरकार ने प्रमोट किया है.

यह Vamnicom पुणे कैंपस में स्थित है. इस प्रोग्राम में कुल 27 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें उन्हें कोऑपरेटिव बिजनेस मॉडल और भारतीय डेयरी कोऑपरेटिव सेक्टर की भूमिकाओं और कार्यों के बारे में जानकारी दी गई.

ट्रेनिंग के हिस्से के तौर पर, प्रतिभागियों ने कई संस्थानों का दौरा भी किया. जिनमें NDDB की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी IDMC लिमिटेड और NDDB CALF लिमिटेड, त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी, इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद (IRMA), विद्या डेयरी और मुजकुवा गांव में NDDB द्वारा विकसित पहलें – जैसे सोलर पंप इरिगेटर्स कोऑपरेटिव एंटरप्राइज़ (SPICE), मुजकुवा सखी खाद सहकारी मंडली और डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी शामिल थीं.

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