Home डेयरी NDDB स्वामीनारायण संस्था गौशाला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1.25 करोड़ रुपए देगा
डेयरी

NDDB स्वामीनारायण संस्था गौशाला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1.25 करोड़ रुपए देगा

शेड की आधारशाीला रखते एनडीडीबी के चेयरमैन.

नई दिल्ली. गुजरात के बोटाद जिले के सारंगपुर गांव स्थित BAPS स्वामीनारायण संस्था गौशाला में पशुओं के प्रजनन को लेकर कई काम किया जा रहा है. साथ ही पशुओं की उत्पादकता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. जिससे पशुपालकों को बेहतर उत्पादन करने वाले पशु मिल रहे हैं और इसका फायदा उन्हें हो रहा है. इसी गौशाला में संत ज्ञानेश्वरदास स्वामीजी, कोठारीश्री, सारंगपुर मंदिर और NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी शाह ने एक नए पशु शेड की आधारशिला रखी है. जहां और भी पशुओं को रखा जा सकेगा. वहीं इस दौरान NDDB के चेयरमैन ने मौजूदा गौशाला का भी दौरा किया और तमाम सुविधाओं को देखा.

डॉ. मीनेश शाह ने यहां चल रही स्वदेशी पशु विकास पहल, खासकर गिर गायों और जाफराबादी भैंसों के लिए समीक्षा की. साथ ही बनाए जा रहे उच्च-गुणवत्ता वाले जर्मप्लाज्म की सराहना की. उन्होंने इसके लिए गोशाला संचालक को धन्यवाद भी दिया और कहा कि इसका फायदा तय तौर पर मिलेगा. उन्होंने इस तरह की पहल के लिए एनडीडीबी की ओर से की जा रही मदद का भी जिक्र किया.

अनुवांशिक सुधार के लिए किए जा रहे काम का किया जिक्र
वहीं सभा को संबोधित करते हुए, NDDB के चेयरमैन ने गिर, जाफराबादी, साहीवाल और कांकरेज जैसी स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और आनुवंशिक सुधार में पिछले 15 वर्षों में NDDB के लगातार प्रयासों पर प्रकाश डाला.

उन्होंने पिछले पांच वर्षों में सारंगपुर गौशाला टीम के साथ NDDB के घनिष्ठ सहयोग का का भी जिक्र किया

उन्होंने बताया कि इसमें एम्ब्रियो ट्रांसफर, IVF-ET और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके गिर पशु प्रजनन और उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है.

डॉ. शाह ने इस बात पर जोर दिया कि स्वदेशी नस्लों को मजबूत करने से भारतीय डेयरी क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.

उन्होंने गौशाला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए NDDB की सहायक कंपनी इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड द्वारा 1.25 करोड़ के CSR समर्थन की भी घोषणा की, जिसका परियोजना निष्पादन IDMC लिमिटेड द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा.

इस अवसर पर, संत ज्ञानेश्वरदास स्वामीजी, कोठारीश्री, सारंगपुर मंदिर ने स्वदेशी पशु विकास के लिए वैज्ञानिक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में NDDB के निरंतर समर्थन और नेतृत्व की सराहना की.

निष्कर्ष
गौरतलब है कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड डेयरी सेक्अर को मजबूत करने के लिए देशभर में काम करता है. ताकि देश में पशुओं की उत्पादकता को बढ़ाया जा सके और इसका फायदा डेयरी किसानों को मिल सके.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy: दिल्ली में डेयरी कॉलोनियों से निकलने वाला गोबर यमुना में नहीं जाएगा

नई दिल्ली. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह व केंद्रीय मत्स्यपालन,...

डेयरी

NDDB: बायोप्सी किए गए IVF भ्रूणों से देश के पहले बछड़ों का हुआ जन्म

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB की अत्याधुनिक OPU-IVEP-ET सुविधा ने,...

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
डेयरी

Dairy: गर्मियों में दूध उत्पादन बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीकों पर करें काम

नई दिल्ली. गर्मियों के मौसम में पशुओं का दूध उत्पादन बनाए रखना...

NPDD scheme is being implemented to enhance quality of milk and milk products and increase share of organized milk procurement.
डेयरी

Milk Production: पशु के दूध में फैट कम होने के हैं तीन मुख्य कारण, बढ़ाना भी है बेहद ही आसान

नई दिल्ली. गाय-भैंस यदि भरपूर दूध का उत्पादन करे लेकिन दूध के...