नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में सबसे जरूरी ये है कि पशु अपनी क्षमता के मुताबिक दूध का उत्पादन करता रहे. क्योंकि पशु अगर क्षमता के मुताबिक दूध का उत्पादन नहीं करता तो इससे डेयरी फार्मर को नुकसान होता है. एक नुकसान तो दूध उत्पादन कम होने की वजह से होता है और दूसरा नुकसान चारे पर आने वाले खर्च की वजह से होता है. क्योंकि पशु को जितना दूध का उत्पादन करना चाहिए वह नहीं कर रहा है और इसलिए यह नुकसान होना तय है. इस नुकसान से बचने के लिए पशु का सही डाइट प्लान अपनाना चाहिए.
एक्सपर्ट का कहना है कि यदि डेयरी फार्म में 20 से 25 की संख्या में गाय भैंस है और एक दो गाय भैंस का उत्पादन प्रभावित होता है तो डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में इतना ज्यादा असर नहीं पड़ता लेकिन ज्यादा संख्या में भैंस या गाय दूध का उत्पादन कम करने लगे तो फिर डेयरी फार्मिंग में नुकसान हो जाता है. इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि 10 लीटर दूध के लिए पशु को कितना दाना मिश्रण खिलाएं, उन्हें कितना हरा चार दें. पानी कितना पिलाएं और मिनरल मिक्सचर आदि कितना दें. क्योंकि इन चीजों की मात्रा कम हो जाने से पशु का दूध उत्पादन घट सकता है.
पशु को क्या-क्या खिलाएं
नियम ये है कि एक लीटर दूध पर 400 से 500 ग्राम दाना मिश्रण पशु को जरुर खिलाना चाहिए.
दाना कंस्ट्रेट चार-पांच किलो में आप मक्का 2 किलो इस्तेमाल करें. सरसों की खाली या सोया खली 1 किलो इस्तेमाल कर सकते हैं.
इन चीजों के साथ चोकर भी जरूरत होगी. पशु को दिनभर में 1 किलो चोकर खिलाना न भूलें.
पशु को 4 से 5 किलो सूखा चारा खिलाएं और 50 से 60 ग्राम मिनरल मिक्सचर दें.
हरे चारे के तौर पर 15 से 20 किलो बरसीम, ज्वार और मक्का को खिलाना बेहतर माना जाता है.
पशु को पानी की भी जरूरत होती है. क्योंकि दूध में 80 फीसद तक पानी होता है. इसलिए 60 से 80 लीटर पानी जरूर पिलाएं.
खिलाने के तरीके की बात की जाए तो दिन में दो से तीन बार में सारी चीज खिलाएं. समय पर पानी दें.
एक बात का ख्याल रखें कि पशु को जो कुछ भी खाने—पीने के लिए दें उसमें साफ बर्तन का इस्तेमाल करें.
निष्कर्ष
इस तरीके से अगर आप पशु का डाइट प्लान तैयार करते हैं और उसको अंजाम भी देते हैं तो फिर दूध उत्पादन बेहतर मिलने लगेगा.












