नई दिल्ली. बिहार के गया जी में मगध दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के वजीरगंज स्थित मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का काम तेजी से चल रहा है. जल्द ही इसे शुरू करने की कोशिश है. दावा किया जारहा है कि इसी साल सितंबर या फिर अक्टूबर तक इस प्लांट को खोल दिया जाएगा. इसी कड़ी में सोमवार को बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस प्लांट का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन अत्याधुनिक प्लांट की प्रगति, संबंधित अधिकारियों से तकनीकी और संचालन से जुड़ी जानकारी ली.
डॉ. प्रेम ने कहा कि दो लाख लीटर क्षमता वाला यह प्लांट दूध उत्पादन और रोजगार को नई दिशा उपलब्ध कराएगा. जिसका सीधा फायदा डेयरी किसानों को मिलेगा. सरकार किसानों की इनकम बढ़ाना चाहती है. इलाके के किसानों के लिए ये कदम बेहद ही फायदेमंद साबित होगा. वहीं अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रस्तावित दूध प्रसंस्करण इकाई प्रतिदिन लगभग दो लाख लीटर क्षमता की होगी.
विस अध्यक्ष ने क्या कहा
इस प्लांट से क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और विपणन को नई गति मिलेगी. डेयरी किसानों को उनके माल का सही दाम मिल सकेगा.
साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि संयंत्र का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे आगामी वित्तीय वर्ष के सितंबर-अक्टूबर तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है.
इस मौके पर विस अध्यक्ष ने कार्य की गुणवत्ता और इस काम को समय से करने का निर्देश भी दिया.
भ्रमण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने परिसर में संचालित किसान प्रशिक्षण केंद्र का भी अवलोकन किया.
गौरतलब है कि मिल्क प्लांट डेयरी कारोबार के लिए बहुत ही जरूरी होता है. क्योंकि इस प्लांट से दूध की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है.
इतना ही नहीं मिल्क प्लांट से दूध को खराब होने से बचाया जा सकता है. उसकी लाइफ तीन से सात दिन तक की जा सकती है.
वहीं मिल्क प्लांट से दही, पनीर और घी जैसे उत्पाद बनाए जा सकते हैं. इन्हें दूध से ज्यादा कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाया जा सकता है.
एक्सपर्ट का कहना है कि मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट से दूध से बनने वाले प्रोडक्ट को कम लागत में अच्छी क्वालिटी के साथ तैयार किया जा सकता है.
निष्कर्ष
सरकार किसानों की इनकम को बढ़ावा चाहती है. इसलिए पशुपालन को बढ़ावा दे रही है. वहीं पशुपालन में आने वाली समस्याओं को भी दूर करने के लिए सरकार की तरफ से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं.












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