Home पशुपालन Animal Husbandry: संक्रामक बीमारियों से दूध उत्पादन और सेहत दोनों पर पड़ता है असर
पशुपालन

Animal Husbandry: संक्रामक बीमारियों से दूध उत्पादन और सेहत दोनों पर पड़ता है असर

अगर आप चारा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो उसे कुछ चरणों में शुरू कर सकते हैं.
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. संक्रामक रोग पशुओं के लिए बेहद ही खतरनाक माना जाता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ये पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादकता के लिए विनाशकारी होते हैं. हर साल हजारों करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान संक्रामक रोग की वजह से ही देश भर के पशुपालकों को होता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि संक्रामक रोग हो जाने की वजह से दूध उत्पादन क्षमता 80 फीसद तक कम हो सकती है. मामला यहीं तक रहे तो ठीक है. इसके अलावा गर्भपात, शारीरिक कमजोरी और पशुओं में मृत्यु दर का कारण भी संक्रामक रोग बनते हैं. ऐसे में इससे पशु का बचाव करना जरूरी है. जिसके लिए टीकाकरण सबसे उचित उपाय है.

एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं की कोई भी बीमारी उनके लिए ठीक नहीं क्योंकि बीमारी की वजह से दवाई इलाज पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है. जिसके नतीजे में पशुपालन की लागत बढ़ जाती है और ऐसा होने से डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में कभी भी मुनाफा नहीं होता. अगर पशु बार-बार बीमार पड़ते हैं तो बार-बार नुकसान होगा. इसलिए जरूरी है कि कुछ उपाय अपनाया जाए, जिनकी वजह से संक्रामक रोग पशुओं को ना लगे और डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में नुकसान भी ना हो. उन्हें में से कुछ उपाय के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे हैं

स्वच्छता और पर्यावरण नियंत्रण से किया जा सकता है काबू
एक्सपर्ट का कहना है कि गंदगी संक्रामक रोगों का एक प्रमुख कारण है. इसलिए बाड़े में सफाई सही होनी चाहिए.

ऐसे में पशुओं के आवास, बाड़ों आदि की नियमित साफ सफाई जरूरी है. ताकि संक्रामक रोग का खतरा पशुओं को न हो.

संक्रामक रोग से बचाने के लिए पानी बेहद ही अहम है. इसलिए पशु को पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध करायें.

इसके साथ ही मक्खियों, मच्छरों और टिकों पर भी नियंत्रण रखें. क्योंकि इनकी वजह से भी पशु को संक्रामक रोग का खतरा रहता है.

नियमित टीकाकरण बेहद असर तरीका है
टीकाकरण संक्रामक रोगों की रोकथाम का सबसे सशक्त माध्यम है. इसलिए समय पर वैक्सीनेशन जरूर कराना चाहिए.

सरकार द्वारा विभिन्न संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए फ्री टीकाकरण अभियान नियमित रुप से चलाया जाता है.

पशुपालकों को इन टीकाकरण अभियानों में भाग लेकर अपने पशुओं को टीका लगवाना चाहिए.

इसका फायदा ये भी है कि इसके लिए आपको कोई पैसा भी नहीं देना होगा. जिससे पशुपालन की लागत भी कम हो जाएगी.

निष्कर्ष
ये जान लें कि पशुपालन में नुकसान से बचना है तो पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाना ही होगा, तभी पशुपालन में फायदा कमा सकेंगे.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशुपालन

Cow: यूपी में हजारों गो आश्रय स्थल बनेंगे ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर, युवाओं को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश अब गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के...

पशुपालन

Animal Husbandry: पशुपालन में वैज्ञानिक प्रगति और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत

नई दिल्ली. भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) के तहत...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
पशुपालन

Animal News: पशुओं की ईयर टैगिंग कराने के हैं कई फायदे, हर एक जानकारी मिलती है यहां

नई दिल्ली. बहुत से पशुपालक भाई पशु की ईयर टैगिंग कराने से...