नई दिल्ली. गर्मियां भी मुर्गियों के लिए परेशानियां लेकर आती हैं. क्योंकि ज्यादा गर्मी मुर्गी के उत्पादन पर असर डाल सकती है. पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि लेयर और ब्रॉयलर मुर्गी और मुर्गों को तापमान ज्यादा हो जाने पर ही हीट स्ट्रेस का खतरा रहता है. इससे लेयर मुर्गियों की फीड की खपत भी से 30 फीसद तक घट जाती है. ऐसे में मुर्गियों का उत्पादन प्रभावित होना तय है. ब्रॉयलर मुर्गों की भी 15 फीसद तक फीड खपत कम हो जाती है. इससे उनका वजन नहीं बढ़ता है. नतीजे में पोल्ट्री फार्मिंग में नुकसान उठाना पड़ जाता है.
एक्सपर्ट का कहना है कि पोल्ट्री फार्म के अंदर लेयर मुर्गियों और मुर्गों के लिहाज से तापमान मेंटेन करना चाहिए. ताकि उनसे बेहतर उत्पादन लिया जा सके. ये बात जान लें कि पोल्ट्री फार्म में 35 डिग्री से ज्यादा तापमान हर हाल में मुर्गियों के लिए नुकसानदे साबित हो सकता है. इसलिए हमेशा कोशिश करें कि इससे कम तामपान रहे. ताकि मुर्गियों को किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े.
कितना होना चाहिए तापमान
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि पोल्ट्री फार्म का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखना चाहिए. इससे मुर्गियां सही से फीड भी खाएंगी और उत्पादन भी बेहतर मिलेगा.
आमतौर पर मई और जून में तापमान 40 से 45 डिग्री तक चला जाता है ऐसे में 15 डिग्री तापमान को घटाने के लिए कई उपाय की जरूरत होती है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि पोल्ट्री फार्म में फॉगर्स का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. जिसमें पानी की बूंद निकलती है. इससे तापमान सही रहता है.
हालांकि इस बात का भी ख्याल रखना है कि बहुत ज्यादा नमी न हो. क्योंकि इससे मुर्गियों का फर्श नमीयुक्त हो सकता है और उन्हें फंगस की दिक्कतें भी हो सकती है.
तापमान को मेंटेन करने के लिए वेंटिलेशन बेहद जरूरी है. छत को सफेद रंग से पेंट करें और एस्बेस्टस शीट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.
मुर्गियों को 24 घंटे ठंडा और साफ पानी उपलब्ध कराना चाहिए. मुर्गियों को सुबह शाम जब तापमान कम हो तो खाना खिलाएं.
खिड़कियों पर टाट के पर्दे लगाकर उन पर पानी का छिड़काव करना चाहिए. इससे भी पोल्ट्री फार्मिंग में नुकसान से आप बच सकते हैं.
निष्कर्ष
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट का कहना है पोल्ट्री फार्म में तापमान को मेंटेन करना बेहद ही जरूरी होता है. क्योंकि तापमान का असर पोल्ट्री के उत्पादन पर पड़ता है. जिसका सीधा रिश्ता आपके फायदे और नुकसान से जुड़ा होता है.












