नई दिल्ली. बकरी पालन एक बेहतरीन काम है और इसको करके किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं. जिन किसानों के पास खेती-बाड़ी के लिए छोटी जोत है, वह अगर बकरी पालन भी करते हैं तो फिर वह अपनी इनकम को दोगुना कर सकते हैं. हालांकि जिस तरह किसी भी काम को करने से पहले उसकी मुकम्मल जानकारी करना जरूरी होती है, ठीक उसी तरह से बकरी पालन करने से पहले भी बकरी पालन की ट्रेनिंग करना जरूरी है. अगर आप बकरी पालन की ट्रेनिंग लेकर साइंटिफिक तरीके से बकरी पालन करेंगे तो इससे फायदा कई गुना ज्यादा होगा. वहीं बिना ट्रेनिंग के बकरी पालन करने में नुकसान का खतरा बहुत ज्यादा है.
क्योंकि बकरी पालन में बीमारियां काफी नुकसान पहुंचती हैं. इसलिए जरूरी है कि उससे बचाव के लिए तमाम जरूरी उपाय किए जाएं. केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG) बीमारी से लड़ने की बात हो या फिर बकरियों को किस तरह का चारा दिया जाए जिससे उसकी ग्रोथ अच्छी हो और उत्पादन बेहतर मिले इन सब चीजों की बारे में ट्रेनिंग देता है और हर एक छोटी बड़ी बातों के संबंध में ट्रेनिंग में जानकारी दी जाती है. ताकि कोई भी बकरी पालन का काम शुरू करे तो उसे हर हाल में मुनाफा ही मिले.
लगातार दी जाती है ट्रेनिंग
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के डायरेक्टर मनीष कुमार चेटली का कहना है कि अगर कोई किसान साइंटिफिक तरीके से बकरी पालन करता है तो उसे दो नहीं चार गुना फायदा मिल सकता है.
क्योंकि साइंटिफिक तरीके से बकरी पालन करने में तमाम अहम बातों की जानकारी दी जाती है. जिससे फायदा बढ़ जाता है.
उन्होंने बताया कि हमारा संस्थान बकरी की कंप्लीट वैल्यू चैन के ऊपर काम करता है और किसानों को इसकी ट्रेनिंग देता है.
इस संस्थान के अंदर हर साल 20 से 22 ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाता है. जिसमें सैकड़ो किसान शामिल होते हैं.
उन्होंने बताया कि इन ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्देश्य होता है कि नई तकनीक किसानों तक पहुंचे और किसान साइंटिफिक तरीके से बकरी पालन करें.
अगर किसान ऐसा करते हैं तो उन्हें इससे ज्यादा फायदा मिलता है और उनका मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है.
उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान किसानों को टेक्निकल गाइडेंस भी दी जाती है. उन्हें किताबें भी उपलब्ध कराई जाती है.
उन्होंने बताया कि पिछले 2 साल के अंदर 65 से ज्यादा ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जा चुका है.
वहीं पिछले साल ही 28 ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन इस संस्थान की ओर से किया गया है. जिसमें 960 किसानों को ट्रेनिंग दी गई है.












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