नई दिल्ली. मछली पालन की शुरुआत करने के लिए जरूरी होता है कि तालाब का निर्माण कराया जाए. अधिकतर मछली पालक तालाब का निर्माण करा कर मछली पालन करते हैं. हालांकि अब बायोफ्लॉक और आरएएस सिस्टम जैसे तकनीक से भी मछली पालन किया जा सकता है. इसमें तालाब की जरूरत नहीं पड़ती है. पर फिर भी अभी ज्यादातर मछली पालक तालाब में ही मछली पालन का काम करते हैं. यदि कोई मछली पालन के काम में नया है और तालाब खुदवाकर मछली पालन करना चाहता है तो उसके लिए यह रिपोर्ट बेहद अहम साबित हो सकती है.
क्योंकि यहां हम आपको बताएंगे कि एक बीघा तालाब की खुदाई करने में कितना खर्च आएगा और उसके बारे में और जानकारी भी देंगे. फिश एक्सपर्ट का कहना है कि एक बीघा तालाब का मतलब यह है कि 27 हजार से लेकर 30 हजार स्क्वायर फीट की जमीन. आमतौर पर गहराई 5 से 6 फीट रखी जाती है लेकिन फिश एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि गहराई 8 से 10 फीट रखना चाहिए जो अच्छे तालाब के लिए जरूरी है.
जेसीबी से तैयार किया जाता है तालाब
अगर जेसीबी से तैयार तैयार करवाएंगे तो इसके लिए 1000 से 1500 रुपए घंटा आपको खर्च देना पड़ सकता है. हालांकि अलग—अलग एरिया के हिसाब से रेट अलग हो सकता है.
ऐसे में 50 से लेकर 60 घंटे में एक तालाब की खुदाई जेसीबी के जरिए की जा सकती है. जिसमें अच्छा खासा पैसा खर्च होगा.
वहीं बहुत से लोग कॉन्ट्रैक्ट पर तालाब खुदवा लेते हैं. आमतौर पर एक एकड़ का तालाब खुदवाने में 55 हजार रुपए तक का खर्च आ सकता है.
जब तालाब का बंधा चारों तरफ से मजबूत हो जाता है तो उसमें दो तरह के पाइप की जरूरत पड़ती है.
एक पाइप लगाया जाता जिससे पानी अंदर आता है और एक पाइप लगाया जाता है जिससे पानी बाहर जाता है.
क्योंकि जब बरसात के दिन में पानी ज्यादा हो जाता है तो ओवरफ्लो से बचने के लिए पानी को पाइप से बाहर निकाला जाता है
तब तालाब का निर्माण हो जाता है तो उसके बाद उसे 2 से 3 दिन तक सूखने देना चाहिए और उसमें चूने का छिड़काव भी करना चाहिए.
एक एकड़ के तालाब में 80 से 150 किलो तक चूने का छिड़काव करना पड़ता है. इसके बाद एक बार फिर से उसे एक हफ्ते तक सूखने देना चाहिए.
बहुत से मछली पालक एक बीघे में एक बोरी यूरिया, 20 किलो डाई और सिंगल सुपर फास्फेट 50 से 60 किलो भी छिड़काव करते हैं.
ये सारे काम करने के बाद हफ्तेभर तालाब को सूखने दें, फिर उसके बाद इसके अंदर पानी डाला जाना चाहिए.












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