नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग अगर सोनाली चूजों के साथ करना चाहते हैं तो शुरुआती दिन से लेकर 24 दिनों तक उनका खास ध्यान रखना होगा. इस दौरान क्या फीड खाने के लिए दिया जाएगा, वैक्सीन कब लगवाई जाएगी और कब मेडिसिन की जरूरत पड़ेगी. इसकी भी जानकारी जरूरी है. चूजों को ब्रूडिंग के बाद धान की भूसी और दो लेयर में न्यूज पेपर पर चार दिनों तक रखना चाहिए. उसके बाद न्यूज पेपर हटा देना चाहिए. वहीं शुरुआती 1 घंटे तक इन चूजों को सिर्फ गुड़ का पानी पीने के लिए देना चाहिए. हालांकि एक घंटे के बाद प्री स्टार्टर फीड दिया जा सकता है.
ब्रॉयलर मुर्गियों के लिए जो प्रीस्टार्टर दाना आता है, वही दे सकते हैं. चूजों को चार दिन तक प्री स्टार्टर फीड देना चाहिए. वहीं लगातार तीन दिन तक दिन में एक बार शाम के समय में एंटीबायोटिक और बी कॉम्प्लेक्स विटामिन पानी में एक साथ मिक्स करके चूजों
को पीने के लिए दिया जा सकता है. चार दिन में एंटीबायोटिक का कोर्स कंप्लीट हो जाता है.
कब क्या करना है
पांचवे दिन इन चूजों को विमरल विटामिन पानी में मिक्स करके देना चाहिए. दिन में एक बार शाम के समय में दे सकते हैं.
वहीं इसके बाद इन चूजों के एक आंख में एक बूंद पहली वैक्सीन सातवें दिन दे सकते हैं. चूजों को F1 वैक्सीन दें, जिसे रानीखेत वैक्सीन भी कहा जाता है.
आगे के अहम दिनों की बात करें तो 14वें दिन के शाम के समय में सोनाली चूजों की एक आंख में एक बूंद आईबीडी वैक्सीन देना चाहिए.
याद रखें कि जिस आंख रानीखेत वैक्सीन दी है उस आंख में आईबीडी वैक्सीन नहीं देना है. जबकि इस बार दूसरी आंख में वैक्सीन दें.
इसके दूसरे दिन चूजों को पीने के पानी में विटामिन दें. इस तरह से विटामिन का कोर्स कंप्लीट हो जाता है.
19वें दिन से लगातार तीन दिन तक दिन में एक बार शाम के समय में कैल्शियम पानी
मिक्स करके इन चूजों को देना चाहिए.
वहीं इस दौरान मौसम के हिसाब से टेंप्रेचर को मेंटेन करना चाहिए. यदि 150 चूजे हैं तो तकरीबन 50 केजी दाना इतने दिनों में चूजे खा लेंगे.
निष्कर्ष
इसके अलावा भी कई बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि यदि आप इस काम में नए हैं तो अनुभवी पोल्ट्री फार्मर्स से टिप्स लेकर ही इस काम को शुरू करें. कई संस्थान मुर्गी पालन के लिए भी ट्रेनिंग देते हैं, जिसे लेकर आप इस काम में सफल हो सकते हैं.









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