नई दिल्ली. फिश एक्सपर्ट का मानना है कि मछली पालन एक ऐसा काम है, जिसमें अच्छी खासी इनकम कमाई जा सकती है लेकिन इसे सही तरह से किया जाए तब. अगर इसमें लापरवाही की जाती है तो फिर मेहनत भी खराब हो जाती है और पैसे से भी हाथ धोना पड़ जाता है. इसलिए मछली पालन की सही जानकारी और मछली पालन की सही तकनीक से इसमें कामयाब हुआ जा सकता है. हालांकि इसके बारे में पता होना भी बेहद जरूरी है. तभी मछली पालन के काम में आपको मुनाफा कमाने का मौका मिल सकता है.
यदि आप भी मछली पालन करना चाहते हैं और इस काम में नए हैं तो यहां दी जाने वाली जानकारी आपको काफी मदद पहुंचा सकती है. वहीं मछली पालन कर रहे मछली पालकों को भी इन बातों के बारे में जानना चाहिए. जिससे मछली पालन के काम में सफल हो सकते हैं.
क्या गलतियां हो जाती हैं
फिश एक्सपर्ट का कहना है कि मछली पालन के काम में सबसे पहले तालाब का निर्माण कराना होता है.
जबकि कई बार फिश फार्मर्स से यही गलती हो जाती है कि वह का निर्माण सही तरह से नहीं कर पाते हैं. तालाब का सही निर्माण न होने से नुकसान होता है.
मान लीजिए आप दोबारा से भी फिश फार्मिंग कर रहे हैं तो तालाब के अंदर बैक्टीरिया गंदगी रहती है, जिससे कल्चर खराब हो सकता है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि कभी भी तालाब जब बन जाए तो उसमें सीधे पानी नहीं डालना चाहिए. क्योंकि एक बड़ी गलती है.
क्योंकि तालाब की मिट्टी में इंफेक्शन होता है और हार्मफुल बैक्टीरिया भी एक्टिव हो जाते हैं. जिससे बाद में मछलियां मरने लग जाती हैं.
इसलिए बेहद जरूरी है कि पहले तालाब का ट्रीटमेंट किया जाए. उसके बाद उसके अंदर पानी को भरा जाए.
फिश एक्सपर्ट कहते हैं कि मछली पालन के काम में कभी भी और ओवर स्टॉकिंग नहीं करना चाहिए.
जबकि बहुत से मछली पालक ये सोचते हैं कि ज्यादा मछली पालने से उन्हें ज्यादा फायदा होगा लेकिन इससे उन्हें नुकसान हो सकता है.
क्योंकि ऐसा करने से तालाब में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. मछलियों की ग्रोथ पर भी इसका बुरा असर पड़ता है. जिससे मछलियों में मृत्यु दर भी बढ़ जाती है.
मछली पालन में पानी की क्वालिटी को भी ध्यान में रखना चाहिए. अगर पानी की क्वालिटी खराब है तो फिर इसे मछलियों की ग्रोथ पर असर पड़ता है.
मछली पालन में सही समय पर फीड देना और सही फीड देना देना बेहद जरूरी होता है. अगर इसमें भी लापरवाही करते हैं तो फिर नुकसान होगा.









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