नई दिल्ली. मछली पालन के काम में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई पहल की गई है. जिसका फायदा भी महिलाओं को मिल रहा है. महिलाएं मछली पालन के काम में भी आगे आ रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं. गौरतलब है कि सरकार की ओर से महिला शक्ति को रोजगार देने की योजना भी लाई गई है. अगर कोई मछली पालक अपने फर्म, कंपनी या संगठन में महिलाओं को नौकरी देता है तो सरकार की ओर से उसे एक मुश्त हजारों रुपए देने का ऑफर सरकार की तरफ से दिया गया है.
असल में महिलाओं को रोजगार देने के लिए सरकार की ओर से नियोक्ता को प्रदर्शन अनुदान दिया जा रहा है. यदि फिशरीज सेक्टर में कोई नियोक्ता एक महिला कर्मचारी को नौकरी कोई देता है तो और उसे जारी भी रखता है तो प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत 15000 रुपए की वार्षिक मदद दी जाएगी.
क्या होगा इससे फायदा
ऐसा करने से नियोक्ता के ऊपर सैलरी देने का बोझ भी कुछ हद तक कम होगा. जिसका फायदा मछली पालक को भी मिलेगा.
मसलन कोई नियोक्ता किसी महिला को 15000 रुपए महीने की सैलरी दे रहा है तो उसे सिर्फ 11 महीने की ही तनख्वाह देनी होगी. एक महीने की सैलरी सरकार की ओर से मिल रही मदद से चुकाया जा सकेगा.
इस योजना के फायदे की बात करें तो महिला सशक्तिकरण और व्यवसाय को बढ़ावा देना है. इससे विकास की ओर एक मजबूत कदम बढ़ेगा.
वहीं महिलाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे. जिससे महिलाएं भी अपने घर के खर्चे में हाथ बटा पाएंगी.
नियोक्ता को प्रदर्शन आधारित आर्थिक सहायता मिलने पर कार्य स्थल पर महिला की भागीदारी को भी बढ़ाया जा सकता है.
अगर आप भी इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं तो महिला कर्मचारी को नौकरी दीजिए. इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए 1800 425 1660 पर कॉल कर सकते हैं.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि मछली पालन एक बेहतरीन काम है. इसको करके बहुत से किसान लाखों रुपए कमा रहे हैं और अपनी इनकम बढ़ा रहे हैं. जबकि सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हजारों करोड़ों रुपए दिया जा रहा है.












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