नई दिल्ली. सिर्फ 11 हजार रुपए लगाकर मुर्गी पालन शुरू किया जा सकता है. खासतौर पर बेराजगार युवाओं के लिए ये एक अच्छा काम साबित हो सकता है. यदि आपके पास फार्म नहीं भी है तब भी घर पर भी खाली जगह पर मुर्गी पालन कर सकते हैं. घर पर फार्म तैयार करने के लिए बांस, टिन, लकड़ी इस तरीके के चीजों का इस्तेमाल करके साधारण तरीके से मुर्गी फार्म का निर्माण कर सकते हैं. जबकि देसी मुर्गियां साधारण तरीके से बनाए गए हुए फार्म में भी आसानी से रह लेती हैं और अंडा व मीट उत्पादन से कमाई कराती हैं.
जबकि ब्रॉयलर मुर्गों को पालने के लिए पैसा खर्च करके मुर्गी घर बनाने की जरूरत पड़ती है. वहीं देसी मुर्गियों को आप लोग कहीं पर भी पाल सकते हैं. साधारण पोल्ट्री फार्म तैयार करने के बाद देसी चूजों को खरीदना होगा. इस काम को 100 देसी चूजों से शुरू कर सकते हैं. एक दिन के एक चूजे का दाम 35 रुपए से लेकर 45 रुपए तक हो सकता है. हालांकि इलाके के हिसाब से रेट अलग भी हो सकता है. अगर एक चूजे का दाम 40 रुपए मान लिया जाए तो 100 चूजों को खरीदने में 4 हजार रुपए का खर्च आएगा.
कितना फीड खिलाना होगा
शुरुआत में चूजों को खिलाने के लिए लगभग 2 से 3 केजी प्रीस्टार्टर फीड खिलाना होगा.
इसके बाद स्टार्टर फीड खरीदना होगा. फीड पर तकरीबन छह हजार रुपए का खर्च होगा.
फीड के साथ-साथ मेडिसिन पर भी खर्च करना होगा. क्योंकि चूजों को वैक्सीन भी देना होता है.
इसके अलावा विटामिन भी लेना है. कैल्शियम की भी जरूरत होगी. एंटीबायोटिक भी लेना होगा और इन दवाओं को खरीदने में आप लोगों का खर्चा हो जाएगा.
शुरुआती तीन से चार दिन तक चूजों को धान के भूसी के ऊपर ही नहीं रखा जाता है.
बल्कि उसपर न्यूज पेपर बिछाना होता है.
बिजली पर भी कुछ खर्च होता है. सभी खर्च को जोड़ दिया जाए तो 11 हजार रुपए तक खर्च देसी मुर्गी पालन पर आएगा.
मुर्गियां जब 45 दिन की हो जाएं तो तब इन्हें आप बाहर छोड़ सकते हैं. जब आप लोग देसी मुर्गियों को बाहर छोड़ेंगे तो मुर्गियां अपना चारा खुद से ढूंढकर खा लेंगी.
इसी दौरान कमर्शियल दाना के साथ-साथ मुर्गियों को घर का बनाया हुआ दाना भी खाने के लिए देंगे तो फीड का खर्च कम हो जाएगा.
निष्कर्ष
वहीं इस वक्त तक मुर्गियों का वजन ठीक-ठीक बढ़ जाएगा और आप इसे बेचकर कमाई कर सकते हैं. कम बजट में इस काम को करके अच्छी कमाई कर सकते हैं.











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