नई दिल्ली. मध्य प्रदेश सरकार राज्य को मिल्क कैपिटल बनाने की कोशिशों में जुटी हुई है. लगातार ऐसे काम किया जा रहे हैं, जिससे राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाया जा सके और दूध उत्पादन तेजी के साथ बढ़ भी रहा है. पूरे मध्य प्रदेश के दूध उत्पादन की बात की जाए तो 11.50 लाख किलो ग्राम दूध का उत्पादन इस साल हुआ है. वहीं इससे टर्नओवर भी 250 करोड़ रुपए बढ़ गया है. जब से मध्य प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने टेकओवर किया तभी से ये बदलाव नजर आ रहा है.
सिर्फ दूध उत्पादन ही नहीं दूध की गुणवत्ता पर भी अब फोकस किया जा रहा है. मशीन में दूध के वजन और उसकी गुणवत्ता की जांच मापक यंत्र के साथ किया जा रहा है. साथ ही इसको मोबाइल ऐप से भी जोड़ने का काम भी एनडीडीबी की ओर से किया गया है. वहीं किसानों का पिछले 3 साल का करोड़ों रुपए का बकाया भी भुगतान कर दिया गया. ताकि वह अपने नुकसान की भरपाई कर सकें दूध उत्पादन बढ़ाने में सरकार की मदद कर सकें.
कहां कितना हुआ दूध उत्पादन
बात करें दूध उत्पादन की तो भोपाल में 2025 में 2.74 लाख किलोग्राम दूध का उत्पादन हुआ था लेकिन 2026 में 3.96 लाख दूध का उत्पादन हुआ है.
इंदौर में 2025 में 2.6 लाख दूध का उत्पादन हुआ था जबकि इस साल 2.95 लाख किलो ग्राम दूध का उत्पादन हुआ है.
इसी तरीके से उज्जैन में पिछले साल 1.43 लाख किलो ग्राम दूध का उत्पादन किया गया था. इस साल इसमें बढ़ोतरी हुई है और 1.94 लाख किलो ग्राम दूध का उत्पादन हुआ है.
सागर में पिछले साल 45 हजार किलो ग्राम दूध उत्पादित किया गया था. इस साल 64 हजार किलो ग्राम दूध उत्पादित हुआ है.
जबलपुर में 15 हजार किलो ग्राम दूध का उत्पादन हुआ था लेकिन इस साल इसमें 35 हजार की बढ़ोतरी हुई है और 50 हजार किलो ग्राम दूध का उत्पादन किया गया है.
इसी तरीके से ग्वालियर में पिछले साल 5 हजार किलो ग्राम दूध का उत्पादन हुआ था लेकिन इस साल 15 हजार किलो ग्राम दूध का उत्पादन रोजाना हो रहा है.
पूरे प्रदेश में 702 समितियां चल रही हैं. वहीं सात शहरों मिल्क यूनियन है. राज्य में मिनी डेयरी प्लांट 10 चल रहे हैं.
इसके अलावा प्रोसेसिंग की रोजाना की क्षमता 18 लाख हो गई है. राज्य में दूध उत्पादन किसान 2.50 लाख हैं जो प्रतिदिन 11 लाख किलो ग्राम से ज्यादा दूध उत्पादित कर रहे हैं. वहीं 9 लाख की खपत हो रही है.












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