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Fish Farming: मछली किसानों को कम समय में ज्यादा उत्पादन देने वाली मछलियां दे रही है सरकार

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
तालाब में मछली निकालते मछली पालक

नई दिल्ली. मछली किसानों को कम समय में ज्यादा उत्पादन मिले और उन्हें ज्यादा से ज्यादा आर्थिक फायदा हो इसके लिए बिहार की सरकार काम का रही है. सरकार की तरफ से इसके लिए मछली किसानों को मछली की ज्यादा उत्पादन वाली प्रजातियों का बीज दिया जा रहा है. इसलिए अलग-अलग जिलों में मछली बीज किसानों को दिया जा रहा है. गौरतलब है कि सरकार की कोशिश है कि मछली पालन में किसान आगे आएं और अपनी इनकम बढ़ाएं. वहीं पहले से इस काम को कर रहे किसानों की भी इनकम बढ़े.

इसी कड़ी में दरभंगा जिले में मत्स्य उत्पादन और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. जिले में मत्स्य पालन का समावेशी, टिकाऊ और बड़े स्तर पर विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य के तहत काम किया जा रहा है.

चुने गए मछली पालको को दी मछलियां
मत्स्य निदेशालय, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और बिहार एक्कावाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (बीएआइपी) ने मिलकर मंगलवार को चुने गए मत्स्य पालकों को मछलियां दीं.

प्रथम चरण में जिले के नौ मत्स्य पालकों को 21 लाख जयंती रोहू और 18 लाख अमृत कतला का उन्नत स्पान के अधिकृत मल्टीप्लायर के माध्यम से जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार, बीएआईपी टीम के राहुल कुमार और स्वाती चौधरी के उपस्थिति में उपलब्ध कराया गया.

जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि जयंती रोहू और अमृत कतला, उन्नत और उच्च उत्पादन क्षमता वाली प्रजातियां हैं.

इन्हें वैज्ञानिक चयन प्रजनन तकनीक के माध्यम से विकसित किया गया है. इन प्रजातियों की वृद्धि दर सामान्य प्रजातियों की तुलना में बेहतर मानी जाती हैं.

इससे किसानों को कम समय में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा.

साथ ही इससे जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिलने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.

वहीं बीएआइपी टीम के राहुल कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जिले में उन्नत मत्स्य प्रजातियों का विस्तार करना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है.

उन्होंने कहा कि किसानों का समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा. ताकि वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अधिक लाभअर्जित कर सकें.

निष्कर्ष
मछली पालन के जरिए किसान अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं. इस काम के लिए सरकार मछली किसानों को आगे लाने में लगी हुई है. जो किसान इस काम में आगे आए हैं, उन्हें इसका फायदा भी हो रहा है.

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