Home मछली पालन Fisheries: समुद्री मछलियों का अब होगा बेहतर इस्तेमाल, उपराष्ट्रपति ने की एलओए की शुरुआत
मछली पालन

Fisheries: समुद्री मछलियों का अब होगा बेहतर इस्तेमाल, उपराष्ट्रपति ने की एलओए की शुरुआत

एलओए की शुरुआत की गई.

नई दिल्ली. केन्‍द्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने 9 जुलाई 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में खुले समुद्रों में मछली पालन के लगातार इस्तेमाल के लिए प्राधिकरण पत्र (एलओए) यानि अनुमति पच का शुभारंभ आयोजित किया. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इसकी शुरुआत की. उपराष्ट्रपति ने ओडिशा डीप सी मिशन दस्तावेज का भी शुभारंभ किया. इस कार्यक्रम में लगभग एक हजार मछली किसानों और मछुआरों, जिनमें महिला मछली किसान और मछुआरों शामिल थीं, के साथ-साथ विभिन्‍न राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों तथा संबंधित मंत्रालयों व विभागों के अधिकारियों ने प्रत्‍यक्ष रूप से भागीदारी की.

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मछली पालन क्षेत्र के लगातार और उत्तरदायित्वपूर्ण विकास को बढ़ावा देने में केन्‍द्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग, ओडिशा सरकार और मत्स्य पालन से जुड़े सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 में भारत के विशिष्‍ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) और खुले समुद्रों में मत्स्य पालन संसाधनों के दोहन के महत्व को मान्यता दी गई है और कहा कि प्राधिकार पत्र ढांचे का शुभारंभ देश के मत्स्य पालन क्षेत्र में एक नये अध्याय को दर्शाता है.

समुद्री संसाधनों तक पहुंच बढ़ेगी
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मछुआरा-केंद्रित ढांचा उच्च मूल्य वाले समुद्री संसाधनों तक पहुंच बढ़ाएगा, आजीविका को मजबूत करेगा और समुद्री खाद्य मूल्‍य श्रृंखला में नए अवसर पैदा करेगा.

उन्होंने मत्स्य पालन सहकारी समितियों और मत्‍स्‍य पालन किसान उत्पादक संगठनों (एफएफपीओ) को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया.

ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भमपति ने कहा कि प्राधिकार पत्र (एलओए) का शुभारंभ एक पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-संचालित ढांचे के माध्यम से खुले समुद्र के मत्स्य संसाधनों के लगातार इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

विकास के साथ-साथ स्थिरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल जिम्मेदार मछली पकड़ने को बढ़ावा देगी.

मछली पालन मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करेगी. युवाओं के लिए आजीविका के अवसर पैदा करेगी और मछुआरा समुदायों की आय में सुधार करेगी.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने कहा कि ओडिशा आधुनिक मत्स्य पालन अवसंरचना में निवेश के माध्यम से एक मजबूत मत्स्य पालन इकोसिस्‍टम का निरंतर निर्माण कर रहा है.

जिसमें थोक मछली बाजार और एक्वापार्क शामिल है, ताकि मूल्यवर्धन और समुद्री खाद्य निर्यात को बढ़ावा मिल सके.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की नीली अर्थव्‍यवस्‍था की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला और मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए गए परिवर्तनकारी कदमों की सराहना की.

ओडिशा की समृद्ध समुद्री विरासत और प्रचुर मत्स्य संसाधनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य भारत के समुद्री खाद्य निर्यात में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में उभरा है.

इसमें विशेष रूप से खारे पानी की जलीय कृष‍ि और गहरे समुद्र में मत्स्य पालन के क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण अप्रयुक्‍त क्षमता मौजूद है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

fish farming in tank
मछली पालन

Fish Farming: घर पर मछली पालन करके कमाई करें तगड़ी, इसका तरीका भी है बिल्कुल आसान

नई दिल्ली. क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 50 स्क्वायर फीट में...

पशुपालनमछली पालन

Kisan Mela: किसान मेले में पशुपालन और मछली पालन के फायदे गिनाए

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के...

1.2 million fisher households nationwide bringing in real-time validation.
मछली पालन

Fisheries News: मछुआरों की इनकम बढ़ाने के लिए 130 करोड़ जारी, शैक्षिक मदद भी मिलेगी

नई दिल्ली. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी ने फिशरीज सेक्टर से...