नई दिल्ली. पशुपालन देश की तरक्की के लिए अहम है. वहीं दूध उत्पादन के जरिए किसानों की इनकम बढ़ सकती है. इसलिए सरकार इस काम में आने वाली हर चुनौती से निपटने का प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB के आनंद के दौरे के दौरान, भारत सरकार के FAHD मंत्रालय के पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) के सचिव नरेश पाल गंगवार ने भारत सरकार की ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ योजना के तहत ‘ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म’ (BMF) प्रोजेक्ट के लाभार्थियों से बातचीत की.
इस बातचीत के दौरान NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी. शाह, DAHD की अतिरिक्त सचिव सुश्री वर्षा जोशी और DAHD व NDDB के अधिकारी भी मौजूद थे. आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के 26 लाभार्थियों ने BMF की स्थापना और फार्म को चलाने के अपने अनुभवों और प्रगति के बारे में जानकारी दी.
सेक्स-सॉर्टेड सीमेन की उपलब्धता तय करने को कहा
इस बैठक के दौरान DAHD सचिव ने डेयरी सेक्टर में एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया.
उन्होंने अच्छी क्वालिटी वाले जानवरों की सप्लाई बढ़ाने के लिए किए जा रहे कामों के बारे में भी जानकारी दी.
साथ ही आईवीएफ सुविधाओं का विस्तार करने पर भी उनका खासा जोर रहा है.
फील्ड लेवल पर सेक्स-सॉर्टेड सीमेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा.
वहीं इंश्योरेंस के प्रावधानों को मजबूत करने और NDDB के सहयोग से ट्रेनिंग के मौकों को बढ़ाने के लिए सरकार की लगातार कोशिशों का जिक्र किया.
गंगवार ने लाभार्थियों को यह भरोसा भी दिलाया कि उन्हें इसे लागू करने में आने वाली चुनौतियों से निपटने में पूरा सहयोग मिलेगा.
इस योजना के प्रति DAHD की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, NDDB के चेयरमैन ने फार्मों को लगातार टेक्निकल और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट देने का भरोसा दिलाया.
उन्होंने लाभार्थियों को अपनी बिजली की जरूरतों का कुछ हिस्सा पूरा करने के लिए बायोगैस प्लांट लगाने पर विचार करने को कहा.
उन्होंने कहा कि पशुपालक खुद भी बायो गैस प्लांट लगवाएं और दूसरों को भी जरूर से प्रोत्साहित करें.
उन्होंने कहा कि इससे फार्म की ओवरऑल सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) बेहतर हो सकेगी.










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