नई दिल्ली. अगर आप लोग मुर्गियों की अच्छे से देखभाल नहीं करते हैं तो मुर्गियों में बहुत सारी बीमारियां आती हैं और उसकी वजह से मुर्गियां मर जाती हैं. अगर आप लोग बरसात के समय में मुर्गी पालन करते हैं तो ये रिपोर्ट आप लोगों के लिए बहुत ही खास होने वाली है. क्योंकि बारिश के समय में मुर्गियों की देखभाल किस तरीके से करना है. किन गलतियों को आप लोगों को नहीं करना है, इन बातों की जानकारी आपको यहां मिल जाएगी. जिससे आप खुद को नुकसान से बचाने में कामयाब रहेंगे.
मुर्गी पालक बरसात के समय में मुर्गियों को स्वस्थ रखना चाहते हैं और चाहते हैं कि मुर्गियां को बीमारी न लग तो लिटर मैनेजमेंट पर खास ध्यान देना होगा. मुर्गी घर का जो बिछावन है उसे साफ रखना ही होगा. साथ ही उसे सूखा रखना होगा.
क्या बचाव करना होगा
असल में बरसात के समय में बिछावन जल्दी गीला हो जाता है. बरसात में हवा में नमी होती है. जिसके कारण बिछावन गीला हो जाता है.
गीले बिछावन में अमोनिया गैस बनती है और अमोनिया गैस की वजह से मुर्गियों को कॉक्सिडियोसिस बीमार भी होती है.
उसके साथ-साथ सीआरडी बीमार भी होती है और इसके अलावा और भी बहुत सारी बीमारियां मुर्गियों पर आक्रमण करती हैं.
इसलिए बरसात के समय में मुर्गियों को स्वस्थ रखना चाहते हैं और बीमारियों से बचाना चाहते हैं, तो लिटर मैनेजमेंट पे ध्यान देना होगा.
यदि पोल्ट्री के बिछावन में धान की भूसी या लकड़ी का बुरादा बिछाते हैं तो दिन में दो बार उसे उलट-पलट करना चाहिए.
उसकी रैकिंग करना बेहद जरूरी है और बिछावन को जल्दी-जल्दी चेंज करना ही चाहिए. इससे किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी.
मुर्गी पालकों को एक बात हमेशा याद रखना होगा. अगर आप मुर्गी पालन करके सफल होना चाहते हैं तो बिछावन कभी भी गीला नहीं होना चाहिए.
बिछावन हमेशा साफ और सूखा होना चाहिए. इससे मुर्गियां हैल्दी रहेंगी और जब वो स्वस्थ रहेंगी तो फिर उत्पादन भी बेहतर करेंगी.
अगर मुर्गी फार्म खराब है तो उसकी तुरंत मरम्मत कर लेना चाहिए और मुर्गी घर की छत से पानी नहीं टपकना चाहिए.
अगर छत खराब है तो उसे भी जल्दी ठीक कर ही सही है. मुर्गियों के ऊपर अगर पानी गिरता है तो मुर्गियों पर बीमारी आक्रमण कर देगी.
मुर्गियों को सर्दी हो जाएगी. मुर्गियों को सीआरडी भी हो सकती है. इसीलिए शेड की सुरक्षा पर आप लोगों को ध्यान देना चाहिए.










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