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Dairy: तीन और नई मल्टी-स्टेट सहकारी समितियों का हुआ रजिस्ट्रेशन, डेयरी सेक्टर होगा मजबूत

पशुओं को खनिज मिश्रण (मिनेरल पाउडर) खिलाना चाहिए.
प्रतीकात्मक फोटो। livestockanimalnews

नई दिल्ली. भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय का पांचवां स्थापना दिवस मनाने और “सहकार से समृद्धि” के विजन को दोहराने के लिए 29 जून से 6 जुलाई, 2026 तक देश भर में सहकारी सप्ताह मनाया जा रहा है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और प्रशिक्षण केंद्रों के कर्मचारियों ने सहकारी आंदोलन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में सहकारी शपथ ली. सभा को संबोधित करते हुए, NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने इस बात पर जोर दिया कि सहकारिता हमेशा से NDDB के मिशन का केंद्र रही है और सहकारिता मंत्रालय की स्थापना ने भारत में सहकारी आंदोलन को और मजबूत किया है.

उन्होंने डेयरी के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी मल्टी-स्टेट सहकारी समितियों को बढ़ावा देने में NDDB की भूमिका का जिक्र किया, जिनमें नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड, भारतीय बीज और हाल ही में शुरू की गई ‘भारत टैक्सी सारथी गुजरात’ शामिल हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समावेशी ग्रामीण विकास के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए सहकारी समितियां सबसे प्रभावी माध्यम हैं.

ग्रामीण समुदाय को बनाया जा रहा मजबूत
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और इसकी लगभग 60% आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है.

इसलिए डॉ. शाह ने जोर देकर कहा कि उत्पादकों के स्वामित्व वाली संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना राष्ट्रीय प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है.

NDDB के चेयरमैन ने यह भी बताया कि NDDB द्वारा प्रोत्साहित तीन और नई मल्टी-स्टेट सहकारी समितियों का सफलतापूर्वक पंजीकरण हो गया है और वे जल्द ही काम करना शुरू कर देंगी.

दूसरी ओर केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर के महात्मा मंदिर में ‘भारत टैक्सी सर्विस’ की शुरुआत की.

सभा को संबोधित करते हुए, माननीय गृह और सहकारिता मंत्री ने गुजरात में ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत को भारत के मोबिलिटी सेक्टर के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया.

इसका उद्देश्य सहकारी स्वामित्व मॉडल के माध्यम से टैक्सी ड्राइवरों के शोषण को खत्म करना है.

भारत की डेयरी और उर्वरक सहकारी समितियों की सफलता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ भी सामूहिक स्वामित्व के उसी सिद्धांत का पालन करती है.

उन्होंने बताया कि ‘भारत टैक्सी’ के पास पहले से ही 7 लाख से ज़्यादा सारथी (ड्राइवर) शेयरहोल्डर के तौर पर जुड़े हैं और इसे गुजरात में टू-व्हीलर, ऑटो-रिक्शा और फोर-व्हीलर के लिए लॉन्च किया गया है.

Written by
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