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Animal Husbandry: कब पशु चारा खाना और पानी पीना कर देते हैं बंद, जुगाली से करें पहचान

मध्य प्रदेश के एक गौशाला में चारा खाती गायें.

नई दिल्ली. पशुओं के साथ कई तरह की समस्याएं होती हैं. जिससे वो बेहद ज्यादा परेशान करते हैं. जैसे कई बार पशु सामान्य तापमान में भी चरना और यहां तक की पानी पीना बंद कर देते हैं. इससे परेशानी बढ़ जाती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि पशु का तापमान सामान्य (101°F – 103°F) रहता है, फिर भी वह चरना-पीना बंद कर देता है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. क्योंकि इससे पशुपालन में उत्पादन प्रभावित हो सकता है और आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है.

पशु जब चारा खाना और पानी पीना बंद कर देता है तो कुछ लक्षणों से इसका पता लगाया जा सकता है. वहीं जिससे पशुपालन के काम में आपको नुकसान नहीं होगा.

लक्षण क्या हैं, जानें यहां
पशु चारा नहीं खाता, पानी कम या बिल्कुल नहीं पीता.

उदास व सुस्त रहता है, अलग खड़ा रहता है.

जुगाली बंद या बहुत कम करता है.

मुंह से लार टपकना या मुंह सूखा रहना.

नाक सूखी रहना या हल्का डिस्चार्ज होना.

गोबर कम आना या सूखा आना.

दूध उत्पादन में कमी हो जाना.

शरीर कमजोर लगना, वजन घटना.

संभावित कारण (CAUSES)
भूख न लगना (Indigestion)

पेट में गैस बनना (Tympany)

मुंह के छाले या अल्सर

खुराक में बदलाव / घटिया चारा

कीड़े (आंतरिक परजीवी)

खनिज व विटामिन की कमी

गर्भावस्था के अंतिम चरण में कमजोरी

मौसम परिवर्तन / गर्मी का असर

सहायक देखभाल (SUPPORTIVE CARE)

पशु को साफ, ठंड़े व हवादार स्थान पर रखें.

ताजा व साफ पानी बार-बार पिलाएं.

हरा व नरम चारा दें, खनिज मिश्रण यानि (Mineral Mixture) उपलब्ध कराएं.

उपचार क्या है जानें

  1. Inj. बी कॉप्लेक्स 10 ml I/M (भूख व कमजोरी में लाभदायक).
  2. Inj. जाइमेक्स 10 ml I/M (पाचन सुधारने के लिए).
  3. Inj. एंटीहिस्टामाइन 10 ml’ I/M (एलर्जी व सूजन में लाभदायक).
  4. लिकर एपेटाइट प्लस (वेट)

30-50 ml दिन में 2 बार पानी में मिलाकर पिलाएं.

  1. Liv. 52 Vet 50 ml दिन में 2 बार (लीवर व पाचन के लिए) के लिए सही होती है.
  2. यदि गैस की समस्या हो तो लिकर डाइजेस्टिव वेट या लिकर डिफ्लैटॉक्स 30-50 ml दिन में 2 बार
  3. मुंह के छाले हो तो टिंचर आयोडाइन और गिलीसिरीन Glycerin (1:1) लगाएँ.
  4. कीड़े की संभावना पर –

Tab. एल्बोमार वेट बोलस 1-2 बोलस (वजन अनुसार)

Inj. ट्राइविवेट या बी-कॉम्प्लेक्स में से किसी एक का ही उपयोग करें.

निष्कर्ष
अगर 24-48 घंटे में सुधार न हो, तो पशु चिकित्स्क से संपर्क करें. समय पर पहचानें और सही उपचार करें, जिससे पशुपालन में मुनाफा कमा सकें.

Written by
Livestock Animal News Team

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